
विस्थापित परिवारों ने सुनाया दर्द, दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
आजमगढ़। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शुक्रवार को हरिऔध कला केंद्र में अभिलेख एवं चित्र प्रदर्शनी, लघु फिल्म प्रसारण और संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने किया।
कारागार मंत्री ने कहा कि देश के बंटवारे का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह दिवस विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है।
कार्यक्रम में 96 वर्षीय सुदर्शन कौर चावला समेत विभाजन से प्रभावित परिवारों के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह परिवारों को अपना घर छोड़कर नए स्थान पर शरण लेनी पड़ी। इस दौरान प्रभावित परिवारों के सदस्यों को अंगवस्त्रम, मोमेंटो और पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया गया।
विभाजन की त्रासदी पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। प्रदर्शनी में विभाजन से जुड़े अभिलेख और चित्र लगाए गए। कार्यक्रम के अंत में विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।