
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा, क्रेटा कार और पांच मोबाइल बरामद
आजमगढ़। अहरौला पुलिस ने फर्जी एवं कूटरचित खतौनी के आधार पर जमीन बेचने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का शुक्रवार को पर्दाफाश किया। कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार/शुक्रवार की देर रात अहरौला थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। शुक्रवार को अहरौला थाना पुलिस में मुख्य आरोपी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए है।
कोर्ट के आदेश पर ठगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के पर्यवेक्षण में अहरौला थाना पुलिस सक्रिय हुई। मुकदमा संख्या 241/2026 की विवेचना के दौरान अहरौला पुलिस को सूचना मिली कि फर्जी खतौनी के जरिए जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी बरामदपुर पुलिया की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर क्रेटा कार को रोककर उसमें सवार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शोभनाथ सेठ, सुधीर सेठ, इन्द्रभूषण सेठ और मुन्नीलाल शर्मा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे फर्जी खतौनी दिखाकर लोगों को जमीन बेचने का झांसा देते थे। विश्वास में लेकर आरटीजीएस और नकद के माध्यम से रुपये वसूलने के बाद न तो जमीन का बैनामा करते थे और न ही रकम वापस करते थे। रुपये मांगने पर पीड़ितों को धमकी भी इनके द्वारा दिया जाता था।
विदित हो कि पीड़ित दुर्गेश कुमार पाण्डेय की तहरीर पर अहरौला थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी शोभनाथ सेठ के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा एनआई एक्ट के तहत उसके विरुद्ध करीब 20 मामले न्यायालय में विचाराधीन बताए गए हैं।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह समेत थाना अहरौला के पुलिसकर्मी शामिल रहे।