

मंडलीय जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते दो वीडियो वायरल, इमरजेंसी में स्टेचर नहीं मिलने का आरोप
सड़क हादसे में घायल दीपू को जांच के लिए पैथोलॉजी तक ले जाने के लिए परिजनों को बनाना पड़ा हाथों का स्टेचर, दूसरे वीडियो में मरीज को हाथ में ग्लूकोज की बोतल लेकर वार्ड तक ले जाते दिखे परिजन
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। मंडलीय जिला चिकित्सालय आजमगढ़ में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। एक वीडियो में सड़क हादसे में घायल मरीज को उसके परिजन हाथों का स्टेचर बनाकर जांच के लिए पैथोलॉजी तक ले जाते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में मरीज को अस्पताल के वार्ड तक ले जाते समय उसके परिजन खुद हाथ में ग्लूकोज की बोतल थामे दिखाई दे रहे हैं।

बताया गया कि किशुनदासपुर निवासी दीपू मार्ग दुर्घटना में घायल हुए थे। परिजन उन्हें उपचार के लिए मंडलीय जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। चिकित्सक ने परीक्षण के बाद कुछ जांचें लिखीं। परिजनों के अनुसार, घायल को पैथोलॉजी तक ले जाने के लिए उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों से स्टेचर मांगा, लेकिन उन्हें कथित तौर पर यह जवाब दिया गया कि स्टेचर केवल भर्ती मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
स्टेचर नहीं मिलने के बाद परिजन घायल को अपने हाथों का सहारा देकर उठाकर पैथोलॉजी तक ले गए। इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में घायल युवक दर्द से परेशान दिखाई दे रहा है और उसके परिजन उसे संभालकर आगे ले जाते नजर आ रहे हैं।

दूसरे वायरल वीडियो में भी अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसमें एक मरीज को उसके परिजन वार्ड की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। मरीज को ग्लूकोज चढ़ रहा है और परिजन हाथ में ग्लूकोज की बोतल पकड़े हुए उसके साथ चलते नजर आ रहे हैं।
दोनों वीडियो सामने आने के बाद मंडलीय जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल यह है कि अस्पताल में आने वाले गंभीर और घायल मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाएं कितनी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। अगर मरीज को जांच के लिए ले जाने के लिए भी परिजनों को अपने हाथों का सहारा लेना पड़े और ग्लूकोज की बोतल लेकर चलना पड़े, तो अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। ऐसे में मंडलीय स्तर के अस्पताल से सामने आए इन वीडियो ने व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।