
बीते 2 साल से कर रहा था वीजा का इंतजार
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। विदेश में नौकरी दिलाने और अच्छा वीजा लगवाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से रुपये लेने और बाद में रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर 25 सितंबर 2026 को दर्ज की गई है।
एफआईआर के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के किरहटा निवासी सुभाष चंद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका एक रिश्तेदार विदेश में नौकरी करता है। आरोप है कि रिश्तेदार का परिचित चंद्रभूषण उर्फ ब्लू उसके घर आया था। बातचीत के दौरान सुभाष चंद ने अपने बेटे के लिए विदेश में अच्छी नौकरी और वीजा लगवाने की बात कही। आरोप है कि चंद्रभूषण ने विदेश भेजने के लिए अच्छा वीजा और बेहतर वेतन दिलाने की बात कही।
शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद आरोपी ने वीजा के लिए करीब 90 हजार रुपये खर्च होने की बात कही। आरोप है कि रुपये देने के बाद आरोपी ने एक बैंक खाते का नंबर दिया और उसमें रकम भेजने को कहा। तहरीर के मुताबिक सुभाष चंद ने 10 मई 2024 और 13 मई 2024 को अलग-अलग बैंक खातों से कुल 90 हजार रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर किए।
दो साल तक वीजा का इंतजार
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार वीजा आने की बात कहता रहा। कुछ दिनों बाद व्हाट्सएप के जरिये संपर्क करने पर 24 मई 2024 को कथित तौर पर बताया गया कि वीजा का नियम बदल गया है और इसके लिए 1.25 लाख रुपये और देने होंगे। शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद भी वीजा नहीं आया और करीब दो साल तक उसे टालने का आरोप है।
सुभाष चंद ने आरोप लगाया कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने गांव आने पर पैसा लौटाने की बात कही। 27 अप्रैल 2026 को आरोपी के गांव आने की जानकारी मिलने पर वह अपने बेटे के साथ उसके घर पहुंचा और रुपये वापस मांगे। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने रकम लेने से इनकार करते हुए धमकी दी।
रकम मांगने पर धमकी देने का आरोप
एफआईआर में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और दोबारा पैसे मांगने आने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है और घटना के बाद भयभीत है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने पहले कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी मामले की जानकारी दी। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना उपनिरीक्षक उदय शंकर तिवारी को सौंपी है।