शिबली में गूंजा लोकतंत्र का स्वर, छात्र संसद में दिखा सत्ता पक्ष-विपक्ष का दम

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मॉक पार्लियामेंट में विद्यार्थियों ने निभाई मंत्रियों और विपक्षी सदस्यों की भूमिका, प्रश्नोत्तर व बहस से समझी संसदीय कार्यप्रणाली

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। शिबली नेशनल कॉलेज में गुरुवार को राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से बीए पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए छात्र संसद (मॉक पार्लियामेंट) का आयोजन किया गया। संसद की तर्ज पर सजे सदन में विद्यार्थियों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए प्रश्नोत्तर, चर्चा और बहस के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। सदन की कार्यवाही का संचालन स्पीकर प्रिया यादव ने किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संसदीय व्यवस्था, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय कार्यप्रणाली की व्यावहारिक समझ देना रहा। छात्र संसद में विद्यार्थियों ने संसद की कार्यवाही का सजीव अनुकरण करते हुए विभिन्न मंत्रालयों और विपक्षी दल की भूमिकाएं निभाईं।


सत्ता पक्ष में प्रधानमंत्री की भूमिका अभिजीत यादव ने निभाई। वहीं गृह मंत्री दिव्या सिंह, वित्त मंत्री रीमा यादव, रक्षा मंत्री नीरज मौर्य, शिक्षा मंत्री विभा राय, विदेश मंत्री अरीज़ा खान, जल शक्ति मंत्री रेहान अहमद, रेल मंत्री मानसी मौर्य और कृषि मंत्री प्रज्ञा पांडेय सहित रविंदर यादव, योगेश यादव, अब्दुल्ला आजम, अमन निषाद, शिवम मौर्य, बुशरा सिद्दीकी, काजल पांडेय, प्रियंका यादव, अनुष्का यादव, सौम्या तिवारी और नीलम यादव ने विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।
वहीं विपक्ष की भूमिका में नेता प्रतिपक्ष स्वरूप त्रिपाठी के नेतृत्व में आकांक्षा यादव, प्रतीक्षा सरोज, अंजली केवट, सलोनी द्विवेदी, अर्पिता राव, सुप्रिया गोंड, श्वेता यादव, शबाना बानो, फरीहा बानो, कुमकुम यादव, वर्तिका सिंह, रुसुम यादव, सुप्रिया यादव, दिव्या सिंह, मुस्कान अग्रवाल, मुस्कान खातून, अफशां इस्लाम और रागिनी चौहान ने विभिन्न मुद्दों को सदन में उठाया।
तर्क, सवाल और बहस से सजी सदन की कार्यवाही
मॉक पार्लियामेंट के दौरान प्रश्नोत्तर, चर्चा-विमर्श और विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच सार्थक बहस हुई। विद्यार्थियों ने अपने तर्क और विचार संसदीय शैली में प्रस्तुत किए। इस दौरान उनका आत्मविश्वास, तार्किक प्रस्तुति, संवाद कौशल और संसदीय मर्यादा विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शफीउज्जमां ने कहा कि छात्र संसद जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे ले जाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ती हैं। इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व, संवाद और तार्किक चिंतन की क्षमता विकसित होती है।
चीफ प्रॉक्टर डॉ. एहतेशामुल हक ने विद्यार्थियों के अनुशासन और संसदीय गरिमा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक अनुशासन से व्यावहारिक रूप से जोड़ते हैं।
प्राचार्य प्रो. अफसर अली ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना और संसदीय परंपराओं को समझने का अवसर देते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. जफर आलम, शफकत उस्मानी समेत महाविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। छात्र संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन, संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहार में समझने का अवसर मिला।

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