
मुंबई में 12 साल संघर्ष के बाद आजमगढ़ लौटे हरेन्द्र ने पांच लाख रुपये के ऋण से शुरू किया रेडीमेड गारमेंट का कारोबार, आज आठ लोगों को दे रहे रोजगार
आजमगढ़। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) जिले के युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता खोल रहा है। योजना की मदद से युवा नौकरी तलाशने वाले से नौकरी देने वाले उद्यमी बन रहे हैं। बधाईगंज निवासी हरेन्द्र यादव इसकी मिसाल हैं। मुंबई में करीब 12 वर्षों तक रोजगार की तलाश में संघर्ष करने के बाद आजमगढ़ लौटे हरेन्द्र ने सरकारी योजना का लाभ लेकर अपना कारोबार शुरू किया। आज वह न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि आठ लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
पांच लाख के ऋण से शुरू किया कारोबार
स्नातक शिक्षा प्राप्त हरेन्द्र सामान्य परिवार से हैं। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपना कारोबार शुरू करने का सपना लंबे समय तक पूरा नहीं हो सका। रोजगार की तलाश में वह मुंबई चले गए और करीब 12 वर्षों तक वहां काम किया। इस दौरान खुद का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा बनी रही, लेकिन पूंजी और मार्गदर्शन की कमी आड़े आती रही।
आजमगढ़ लौटने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। योजना के तहत आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद जगी तो उन्होंने रेडीमेड गारमेंट एवं सिलाई कार्य की इकाई लगाने के लिए आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद बैंक से पांच लाख रुपये का ऋण मिला। इससे आवश्यक मशीनें खरीदकर उन्होंने ‘अवनि स्पोर्ट्स एंड गारमेंट्स’ के नाम से कारोबार शुरू किया।
स्कूल ड्रेस से स्पोर्ट्सवेयर तक बढ़ा कारोबार
इकाई में लोअर, टी-शर्ट, ट्रैक शूट, स्कूल ड्रेस और अन्य स्पोर्ट्सवेयर तैयार किए जाने लगे। हरेन्द्र ने गुणवत्ता और उचित कीमत को कारोबार का आधार बनाया। धीरे-धीरे निजी विद्यालयों से स्कूल ड्रेस, ट्रैक शूट और स्पोर्ट्सवेयर के ऑर्डर मिलने लगे। विद्यालयों की मांग के अनुसार सिंबल और लोगो की कढ़ाई कर समय से सामान उपलब्ध कराया जाने लगा।
गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति के चलते कारोबार का दायरा आजमगढ़ से निकलकर वाराणसी, गाजीपुर, मऊ और बलिया तक पहुंच गया। वर्तमान में इकाई का वार्षिक टर्नओवर करीब 12 से 15 लाख रुपये है।
खुद आत्मनिर्भर बने, आठ लोगों को दिया रोजगार
हरेन्द्र की सफलता का असर उनके परिवार तक ही सीमित नहीं रहा। कारोबार बढ़ने के साथ उन्होंने आठ लोगों को रोजगार दिया। कभी खुद रोजगार की तलाश में मुंबई जाने वाले हरेन्द्र आज अपने ही क्षेत्र में दूसरों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। हरेन्द्र का कहना है कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से उन्हें अपने सपने को पूरा करने का अवसर मिला। यदि समय पर आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन नहीं मिलता तो कारोबार शुरू करना मुश्किल होता। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
6100 युवाओं के ऋण स्वीकृत
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उद्देश्य शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित कराना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु के न्यूनतम आठवीं पास पात्र युवा विनिर्माण, सेवा, फ्रेंचाइजी और ‘बिजनेस ऑन व्हील्स’ जैसे क्षेत्रों में उद्यम स्थापित कर सकते हैं।
योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए चार वर्षों तक 100 प्रतिशत ब्याज मुक्त और बिना गारंटी ऋण तथा परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान का प्रावधान है। सरकार ने प्रतिवर्ष एक लाख युवाओं को वित्त पोषित करने और अगले 10 वर्षों में 10 लाख सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
आजमगढ़ में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। जिले में अब तक करीब 6100 युवाओं के ऋण स्वीकृत हो चुके हैं। जिलाधिकारी का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। युवाओं को योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
हरेन्द्र की कहानी बदलते आजमगढ़ की तस्वीर पेश करती है। कभी रोजगार की तलाश में महानगर का रुख करने वाला युवा आज अपने ही जिले में उद्यम खड़ा कर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है। यही सीएम युवा अभियान की मूल भावना है—युवा को अवसर देना, हुनर को उद्यम में बदलना और उद्यम के जरिए रोजगार का सृजन करना।