फर्जी फर्म ‘मलिक इंटरप्राइजेज’ के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप
आजमगढ़। थाना कोतवाली पुलिस ने फर्जी फर्म बनाकर सरकार को करीब ₹2.38 करोड़ की राजस्व क्षति पहुंचाने के मामले में वांछित आरोपी आदिल पुत्र इस्तेयाक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिजनौर जिले के श्योहारा थाना क्षेत्र के रवाना शिकारपुर का रहने वाला है।
फर्जी दस्तावेजों से कराया था फर्म का पंजीयन
उपायुक्त (विभाग अनुपालन शाखा), राज्य कर, आजमगढ़ संभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि ‘मलिक इंटरप्राइजेज’ का पंजीयन 30 दिसंबर 2024 को कराया गया था। सत्यापन के दौरान मौके पर फर्म का कोई अस्तित्व नहीं मिला और उसे बोगस पाया गया। फर्म के लिए अपलोड किया गया बिजली बिल कूटरचित था, जबकि किरायानामा समेत अन्य दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए।
फर्जी इनवॉइस से करोड़ों का कारोबार
जांच के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में फर्म के नाम से करीब ₹661.33 लाख की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दर्शाकर ₹119.04 लाख की फर्जी ITC पास-ऑन की गई। वहीं करीब ₹661.63 लाख की फर्जी खरीद दिखाकर ₹119.09 लाख की फर्जी ITC का लाभ लिया गया। इस तरह कुल करीब ₹238.13 लाख यानी ₹2.38 करोड़ की राजस्व क्षति का आरोप है।
रोडवेज के पास से दबोचा
पुलिस के अनुसार 22 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना पर उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति, कांस्टेबल भूपेन्द्र मिश्रा और कांस्टेबल सचिन कुमार की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने आरोपी आदिल को जिला रोडवेज, आजमगढ़ के पास से सुबह 11:55 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।