राजकीय मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज निर्माण में देरी, निर्माण निगम के प्रभारी अधिकारी पर FIR

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निर्धारित समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं हुआ निर्माण कार्य, सरकारी धन के अपेक्षित उपयोग पर भी उठे सवाल
आजमगढ़। राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ परिसर में नर्सिंग कॉलेज के निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और निर्धारित समयावधि में परियोजना पूरी न किए जाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने राजकीय निर्माण निगम की इकाई के प्रभारी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मुकदमा कनिष्ठ सहायक दीपक सिंह की तहरीर पर 21 अगस्त 2026 की रात दर्ज किया गया। एफआईआर में आरोपी के रूप में राजकीय निर्माण निगम, आजमगढ़ की इकाई के प्रभारी अधिकारी एस.एस. राय का नाम दर्ज है। पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह को सौंपी है।


करोड़ों की परियोजना, समय सीमा बीतने के बाद भी अधूरा काम
एफआईआर में उल्लेख है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में नर्सिंग कॉलेज का निर्माण शासन की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। शासनादेश के तहत परियोजना के लिए 2082.06 लाख रुपये, यानी करीब 20.82 करोड़ रुपये, की स्वीकृति का उल्लेख किया गया है। निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 जनवरी 2024 से कार्य शुरू कराया गया था। परियोजना को डीपीआर के अनुसार अगस्त 2025 तक पूरा किया जाना था।


तहरीर के मुताबिक स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष करीब 1050 लाख रुपये खर्च किए जा चुके थे। वहीं, शासन की ओर से स्वीकृत धनराशि की पहली किस्त के रूप में 187.50 लाख रुपये जारी किए जाने तथा शेष धनराशि के समय से जारी न होने के कारण उसके लैप्स होने का भी उल्लेख एफआईआर में किया गया है।


अगस्त 2025 की जगह दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई पूर्णता तिथि
एफआईआर के अनुसार परियोजना की मूल पूर्णता तिथि अगस्त 2025 निर्धारित थी, लेकिन कार्य समय पर पूरा न होने के बाद इसकी पूर्णता तिथि को पुनरीक्षित कर दिसंबर 2026 कर दिया गया। इसके बावजूद जुलाई 2026 तक की प्रगति के अनुसार निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका था।


तहरीर में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य की गति निर्धारित समय सीमा के अनुरूप नहीं रही। निर्माण स्थल पर कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति और मौजूदा कार्यप्रणाली से भी परियोजना के समय पर पूरा होने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। एफआईआर में कहा गया है कि निर्माण में हो रही देरी का असर नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है।


छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि नर्सिंग कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में अनावश्यक विलंब के कारण शासन की मंशा के अनुरूप इसका लाभ छात्र-छात्राओं को समय से नहीं मिल पा रहा है। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि परियोजना में देरी के कारण सरकारी धन का अपेक्षित और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है।
शिकायतकर्ता ने निर्माण निगम की संबंधित इकाई के प्रभारी अधिकारी पर परियोजना की समयबद्ध पूर्णता के लिए अपेक्षित पर्यवेक्षण, अनुश्रवण और प्रभावी नियंत्रण नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। तहरीर में कहा गया है कि इसके परिणामस्वरूप परियोजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब हुआ और जनहित प्रभावित हुआ।


पूर्णता तिथि बढ़ाए जाने पर भी उठाए गए सवाल
एफआईआर में परियोजना की पूर्णता तिथि बढ़ाए जाने को लेकर भी सवाल उठाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद परियोजना को पूरा कराने के लिए पुनरीक्षित समय सीमा तय की गई, लेकिन निर्माण की वास्तविक प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंच सकी। इसी आधार पर संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।


कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा, जांच शुरू
दीपक सिंह की तहरीर पर कोतवाली आजमगढ़ में 21 अगस्त 2026 को रात 11:57 बजे एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर संख्या 0434/2026 दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) का उल्लेख है। मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह को सौंपी गई है।
शिकायतकर्ता दीपक सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। एफआईआर में उनका स्थायी पता उन्नाव जिले का दर्ज है।

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