
दिबांग वैली में तेज बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, 5वीं ग्रेनेडियर के सात जवान आए चपेट में; दो सुरक्षित, पांच अब भी लापता
आजमगढ़। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले में शुक्रवार शाम तेज बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ ने सेना के कैंप में बड़ा हादसा कर दिया। पाशु पानी सेना कैंप में पानी का बहाव इतना तेज था कि 5वीं ग्रेनेडियर के दो शेल्टर बाढ़ में बह गए। हादसे में सात जवान बाढ़ की चपेट में आ गए। रेस्क्यू अभियान के दौरान दो जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि आजमगढ़ निवासी हवलदार उपेंद्र यादव समेत पांच जवान अभी लापता हैं।
मुहम्मदल्ला गांव में पसरा मातम, परिवार कर रहा सकुशल वापसी की प्रार्थना
उपेंद्र यादव के लापता होने की खबर मिलते ही सिधारी थाना क्षेत्र के मुहम्मदल्ला गांव स्थित उनके परिवार में मायूसी छा गई। परिजन लगातार सेना के अधिकारियों के संपर्क में हैं और जवान के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
उपेंद्र के भाई रविंद्र यादव के अनुसार, वह वर्ष 2005 में सेना में हवलदार के पद पर भर्ती हुए थे। भर्ती के बाद से ही उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश में रही। वर्तमान में वह दिबांग वैली के पाशु पानी सेना शिविर में ड्यूटी कर रहे थे।
सात जवान बाढ़ के तेज बहाव में फंसे
बताया गया कि शुक्रवार शाम क्षेत्र में भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ आ गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि कैंप में बने 5वीं ग्रेनेडियर के दो शेल्टर बह गए। उस समय शेल्टर के आसपास मौजूद सात जवान भी बाढ़ के तेज बहाव में फंस गए।
हादसे के बाद सेना की रेस्क्यू टीमें तत्काल सक्रिय हुईं। कड़ी मशक्कत के बाद दो जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं उपेंद्र यादव, कुंदन, विनोद, आदित्य और समुंदा का अब तक पता नहीं चल सका है। लापता जवानों की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है।
पत्नी और बच्चों को सुरक्षित वापसी का इंतजार
उपेंद्र यादव के परिवार में उनकी पत्नी निर्मला यादव, बेटी जानवी और बेटा यश हैं। जवान के लापता होने की सूचना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। गांव के लोग भी उपेंद्र यादव की सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रशासन और सेना की रेस्क्यू टीमें लगातार लापता जवानों की तलाश में जुटी हैं। परिवार को उम्मीद है कि उपेंद्र यादव जल्द ही सकुशल वापस लौटेंगे।