
आठवें वेतन आयोग को लागू करने, न्यूनतम वेतन ₹72 हजार करने और संविदा कर्मियों को नियमित करने की उठी मांग
आजमगढ़। महंगाई, बेरोजगारी और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सोमवार को आवाज बुलंद की। जिलामंत्री अखिलेश कुमार सिंह और प्रदेश मंत्री बिपिन बिहारी पाठक के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित 22 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।
ज्ञापन में मजदूरों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों-सहायिकाओं, संविदा कर्मियों, पटरी दुकानदारों, ई-रिक्शा और ऑटो चालकों समेत विभिन्न वर्गों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संगठन ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के साथ सरकारी उपेक्षा के कारण श्रमिक और कर्मचारी वर्ग परेशान है।
प्रमुख मांगों में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को एक जनवरी 2026 से लागू करने और न्यूनतम वेतनमान 72 हजार रुपये करने की मांग शामिल रही। इसके अलावा बीएसएनएल में लंबित सातवें वेतनमान को लागू करने, आशा कार्यकर्ताओं व संगिनियों का मानदेय बढ़ाने तथा सामाजिक सुरक्षा देने की मांग की गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियमित कर न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय और सामाजिक सुरक्षा देने की भी मांग उठाई गई।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के संविदा कर्मियों को रिक्त पदों के अनुसार नियमित करने, पटरी-रेहड़ी दुकानदारों को उचित स्थान देने और उनके उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी की गई। ई-रिक्शा व ऑटो चालकों के लिए निर्धारित स्टैंड बनाने तथा पुलिस उत्पीड़न बंद कराने की मांग रखी गई।
इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, दिलीप तिवारी, चंदन सिंह, दिलीप यादव, गौरव दीक्षित, रामजीत भारती, नीरज कुमार, राजनारायण, मधुकर, महेंद्र सोनकर और सुनील सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।