
अपराधियों से संपर्क और गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान का आरोप, विभागीय जांच के भी निर्देश
आजमगढ़। थाना अहरौला में तैनात उपनिरीक्षक कृष्णकांत यादव पर आखिरकार पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई की गाज गिर गई। आरक्षी ना0पु0 जितेंद्र कुमार के निलंबन के बाद अब एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने उपनिरीक्षक कृष्णकांत यादव को भी प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, उपनिरीक्षक कृष्णकांत यादव पर थाना क्षेत्र के अपराधियों और अभियुक्तों से अनधिकृत रूप से दूरभाष एवं व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क रखने का आरोप है। इसके साथ ही अभियोग एवं विवेचना से संबंधित गोपनीय सूचनाओं और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किए जाने की बात भी सामने आई है।
आरोप है कि अभियुक्तों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अभियोग और जांच की कार्रवाई को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद एसएसपी ने उपनिरीक्षक को निलंबित करने की कार्रवाई की।
पुलिस विभाग के मुताबिक, उपनिरीक्षक पर विभागीय गोपनीयता भंग करने, पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने तथा उच्चाधिकारियों के आदेश-निर्देशों की अवहेलना जैसे गंभीर आरोप हैं।
गौरतलब है कि इसी प्रकरण में अहरौला थाने में तैनात आरक्षी ना0पु0 जितेंद्र कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब उपनिरीक्षक कृष्णकांत यादव के खिलाफ हुई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।