
नन्हे-मुन्ने राधा-कृष्ण के रूप में सजे, भजन-नृत्य से मोहा मन; आकर्षक झांकियां और सेल्फी प्वाइंट रहे विशेष आकर्षण
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। आइकॉनिक स्कूल ऑफ आजमगढ़ वेदांता इंटरनेशनल स्कूल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास, उमंग और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों, आकर्षक झांकियों और अभिभावकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने विद्यालय परिसर को कृष्णमय कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना सभा से हुआ। शिक्षिका सुनीता दीक्षित ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, उनके जीवन और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के संदेशों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता बताते हुए सत्य, कर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद केजी के विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर आधारित विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। अभिभावकों ने अपने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के रूप में आकर्षक ढंग से सजाकर विद्यालय भेजा। नन्हे कान्हा और राधा के रूप में सजे बच्चों ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में नंदगांव, कारागार, मटकी फोड़, झूला और सेल्फी प्वाइंट विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने श्रीकृष्ण के भजन, गीत, नृत्य और बाल लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पूरा परिसर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने दीप प्रज्वलित कर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेते हुए सत्य, कर्म, प्रेम, अनुशासन और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व शोमिता श्रीवास्तव ने किया। कुमकुम दुबे, आरती सिंह और जानवी सिंह के सहयोग से झांकियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
विद्यालय परिवार ने समारोह को सफल बनाने में अभिभावकों की भूमिका की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार जताया। कहा कि अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता विद्यालय की गतिविधियों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जन्माष्टमी समारोह में भी उन्होंने बच्चों को जिस उत्साह और रचनात्मकता के साथ तैयार किया, वह सराहनीय रहा।
अंत में विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। समारोह ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं से नई पीढ़ी को जोड़ने का संदेश भी दिया।