
सीएमओ का सख्त निर्देश—नामित डॉक्टर के अलावा किसी और ने किया अल्ट्रासाउंड तो सेंटर होगा सीज, संचालक व डॉक्टर पर होगी कानूनी कार्रवाई
आजमगढ़। जिले में संचालित सोनोग्राफी और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर अब मरीजों को यह स्पष्ट रूप से दिखाई देगा कि उनका अल्ट्रासाउंड कौन डॉक्टर कर रहा है। सोमवार को सीएमओ सभागार में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा की अध्यक्षता में हुई जिला सलाहकार समिति पीसीपीएनडीटी की बैठक में सभी सोनोग्राफी सेंटर संचालकों को 15 दिन के भीतर नामित चिकित्सक की बड़ी फोटो, नाम और डिग्री सेंटर में प्रमुख स्थान पर लगाने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि अल्ट्रासाउंड जांच स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद संवेदनशील प्रक्रिया है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीज को सेंटर पर पहुंचते ही यह पता चलना चाहिए कि उसका अल्ट्रासाउंड किस नामित चिकित्सक द्वारा किया जा रहा है।
15 दिन बाद चलेगा विशेष जांच अभियान
सीएमओ ने बताया कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देशन में गठित जांच टीम जिले के सभी सोनोग्राफी/डायग्नोस्टिक सेंटरों की जांच करेगी। इस दौरान पंजीकरण, नियमों के अनुपालन समेत विभिन्न बिंदुओं की जांच की जाएगी।
जांच में यदि सेंटर पर कोई कमी मिली या नामित चिकित्सक के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अल्ट्रासाउंड किया जाता पाया गया तो सेंटर को सीज करने के साथ ही संचालक और नामित चिकित्सक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उद्देश्य लिंग चयन पर रोक
सलाहकार समिति के सदस्य एवं जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि भ्रूण के लिंग निर्धारण के लिए प्रसव पूर्व निदान तकनीकों के दुरुपयोग और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के उद्देश्य से वर्ष 1994 में पीसीपीएनडीटी अधिनियम लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य लिंग चयन की तकनीकों पर रोक लगाना और प्रसव पूर्व जांच के दुरुपयोग को रोकना है।
पांच नवीनीकरण और नौ नए पंजीकरण पर हुई चर्चा
बैठक में प्यारी बिटिया पोर्टल पर पंजीकरण, नवीनीकरण और नियम-13 के तहत प्राप्त आवेदनों समेत विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान 05 डायग्नोस्टिक सेंटरों के नवीनीकरण, 09 नए पंजीकरण और 05 चिकित्सकों के परिवर्तन से संबंधित पत्रावलियों की जांच की गई। बैठक में सदस्य एसके विमल, बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय जिला चिकित्सालय सहित समिति के अन्य सदस्य, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक और नामित चिकित्सक मौजूद रहे।