न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा, पत्रकार के भाई की संदिग्ध मौत में छह नामजद

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पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप, सीजेएम के आदेश के बाद शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज
आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र में पत्रकार पद्माकर पाठक के भाई सुधाकर पाठक की संदिग्ध मौत के मामले में आखिरकार न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस ने छह नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


16 अप्रैल को पुराने जेल के पास मिला था शव
मामला शहर के गुरुटोला निवासी पत्रकार पद्माकर पाठक के भाई सुधाकर पाठक की मौत से जुड़ा है। न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, 16 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5:30 बजे पद्माकर पाठक को सूचना मिली कि पुराने जेल के सामने पावर हाउस के पीछे बंधे पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने शव को लावारिस मानते हुए पैक कर दिया।
बाद में मोबाइल फोन से मिली जानकारी और शव की तस्वीर देखने के बाद परिजनों ने मृतक की पहचान सुधाकर पाठक के रूप में की।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर गंभीर चोट का दावा
परिजनों ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के गले पर गंभीर चोट, गले की हड्डी टूटने और शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिजनों ने सुधाकर पाठक की हत्या किए जाने की आशंका जताई है।


शराब ठेके पर विवाद के बाद मारपीट का आरोप
शिकायत के अनुसार, सिविल लाइन स्थित कोइरी का पोखरा क्षेत्र के एक देशी शराब के ठेके पर पैसों के लेन-देन को लेकर सुधाकर पाठक के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। आरोप है कि ठेके से जुड़े लोगों और अन्य व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट की, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना को छिपाने के उद्देश्य से शव को टोटो में लादकर पुराने जेल के सामने सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया।


मोबाइल, पर्स और एटीएम कार्ड निकालने का भी आरोप
प्रार्थना पत्र में मृतक की जेब से मोबाइल फोन, पर्स, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज निकाले जाने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो सकते हैं। शव ले जाने में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए टोटो का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है।


शिकायत के बाद भी मुकदमा न होने पर पहुंचे न्यायालय
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद शहर कोतवाली पुलिस और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद परिजनों ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का रुख किया और धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। न्यायालय के आदेश के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।


इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
मुकदमे में विनोद राय, नन्दू यादव, धर्मेन्द्र उर्फ बिंदू (हरिहर प्रसाद के पुत्र बताए गए), अंडे की दुकान पर बैठे एक व्यक्ति, टोटो चालक जावेद और उसके सहयोगी सोनू समेत अन्य के नाम शामिल किए गए हैं।


सीसीटीवी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की होगी जांच
अब पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जाएगा। पुलिस का कहना है कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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