डीआईओएस की छापेमारी में खुली स्कूल की व्यवस्था की पोल, तीन शिक्षक बिना छुट्टी गायब, दो दिन का वेतन रोका

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एमडीएम रजिस्टर भी नहीं मिला मौके पर, 1600 में सिर्फ 910 छात्र मिले उपस्थित, तीन दिन में साक्ष्य समेत जवाब तलब

आजमगढ़। जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार के बुधवार को श्री राम राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में हुए औचक निरीक्षण से विद्यालय की व्यवस्थाओं में बरती जा रही लापरवाही सामने आ गई। निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षक बिना स्वीकृत अवकाश के गायब मिले। इतना ही नहीं, एमडीएम का रजिस्टर मांगे जाने पर उसे भी मौके पर प्रस्तुत नहीं किया जा सका। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस ने तीनों शिक्षकों का दो दिन का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। साथ ही तीन दिन के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।

उपस्थिति पंजिका में दो दिन से नहीं थे हस्ताक्षर

निरीक्षण के दौरान शिक्षक उपस्थिति पंजिका खंगाली गई तो प्रवक्ता वशिष्ठ यादव, सहायक अध्यापक शिल्पी यादव और सहायक अध्यापक अमित कुमार कौशल के 3 और 4 अगस्त के हस्ताक्षर दर्ज नहीं मिले। प्रधानाचार्य से शिक्षकों की गैरहाजिरी का कारण पूछा गया तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। न ही इनके अवकाश से संबंधित कोई प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। ऐसे में डीआईओएस ने तीनों शिक्षकों को बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित माना।

मांगा एमडीएम रजिस्टर, जवाब मिला-बीईओ कार्यालय में है

निरीक्षण के दौरान डीआईओएस ने एमडीएम रजिस्टर भी तलब किया। इस पर प्रधानाचार्य ने बताया कि रजिस्टर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा है। प्रधानाचार्य के अनुसार रजिस्टर में 150 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जबकि 80 की उपस्थिति दर्ज थी। विद्यालय में एमडीएम व्यवस्था से जुड़े अभिलेख मौके पर उपलब्ध न होने पर भी अधिकारियों ने नाराजगी जताई।

1600 में सिर्फ 910 छात्र, उपस्थिति पर भी सवाल

विद्यालय में कुल 1600 छात्र-छात्राओं के नामांकन के सापेक्ष निरीक्षण के समय केवल 910 विद्यार्थी उपस्थित मिले। यानी बड़ी संख्या में विद्यार्थी विद्यालय से गैरहाजिर मिले। डीआईओएस ने छात्र उपस्थिति को संतोषजनक नहीं माना और प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की हिदायत दी।

जवाब नहीं संतोषजनक हुआ तो कार्रवाई तय

डीआईओएस के आदेश के मुताबिक तीनों शिक्षकों का 3 और 4 अगस्त का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया है। संस्था प्रबंधक और प्रधानाचार्य को निर्देश दिया गया है कि तीन दिनों के भीतर संबंधित शिक्षकों से साक्ष्य आधारित स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यालय में उपलब्ध कराएं। स्पष्टीकरण में यदि अनुपस्थिति का ठोस कारण और साक्ष्य नहीं मिला या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। औचक निरीक्षण के बाद विद्यालय में हड़कंप की स्थिति रही।

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