
पूर्ति निरीक्षक की जांच में राशन की कालाबाजारी और स्टॉक में गड़बड़ी उजागर, जिलाधिकारी के आदेश पर हुई सख्त कार्रवाई
आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अजमतगढ़ विकासखंड के ढोलीपुर गांव स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के संचालक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पूर्ति विभाग की जांच में अनियमितता और सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी सामने आने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। साथ ही संचालक के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, पूर्ति निरीक्षक बृजेश दुबे ने जीयनपुर कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर उन्होंने पूर्ति निरीक्षक पंकज यादव के साथ ढोलीपुर स्थित उचित दर विक्रेता की दुकान का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान दुकान में 19 बोरा गेहूं और 51 बोरा चावल मिला। स्टॉक का मिलान करने पर करीब 25 कुंतल चावल और 6 कुंतल गेहूं सहित अन्य सामग्री की कमी पाई गई, जिससे सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि दुकान पर स्टॉक बोर्ड, दर सूची तथा राशन कार्डधारकों की सूची भी प्रदर्शित नहीं थी, जो आवश्यक वस्तु वितरण प्रणाली के नियमों का उल्लंघन है। जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी आजमगढ़ रविंद्र कुमार को भेजी गई।
रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने ढोलीपुर की उचित दर दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश दिया। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक ने संचालक नागेंद्र प्रसाद पुत्र राजदेव राम के विरुद्ध जीयनपुर कोतवाली में तहरीर दी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।