घरों पर लिख दिया- ‘मकान बिकाऊ है’, सड़क पर उतरे 25 परिवार, जनप्रतिनिधियों का गांव में प्रवेश भी वर्जित

आजमगढ़ आजमगढ़ खास खबर आजमगढ़ ग्रामीण


जलजमाव से त्रस्त ग्रामीणों का बड़ा ऐलान- ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’, सांसद-विधायक समेत जनप्रतिनिधियों के प्रवेश पर रोक की चेतावनी

आधा फीट गंदे पानी में जिंदगी, बच्चों का स्कूल जाना बंद; घर तक नहीं पहुंचतीं गाड़ियां, दुर्गंध और जलजमाव से ग्रामीण बेहाल

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। विकासखंड के मतलूबपुर ग्राम सभा में वर्षों से चली आ रही जलनिकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। जलजमाव से परेशान 25 परिवारों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर चस्पा कर दिए। शनिवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का ऐलान किया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने सांसद, विधायक समेत जनप्रतिनिधियों के गांव में प्रवेश पर रोक की चेतावनी दी है।


ग्रामीणों ने गांव के सभी प्रवेश मार्गों पर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ और ‘सांसद-विधायक व जनप्रतिनिधियों का प्रवेश वर्जित’ लिखे बोर्ड लगाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को अपने ही घरों से निकलने में परेशानी हो रही है।
रास्ते में जमा आधा फीट पानी, बदबू से घरों में रहना मुश्किल
ग्रामीणों के अनुसार घरों और बारिश का पानी रास्ते पर करीब आधा फीट तक जमा है। लंबे समय से पानी भरा होने के कारण उसमें से तेज दुर्गंध उठ रही है। ग्रामीणों ने संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है।


महिलाओं का कहना है कि छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जलजमाव के कारण चार पहिया वाहन भी घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
नाली विवाद का वर्षों से नहीं निकला समाधान
ग्रामीणों के मुताबिक मतलूबपुर में थाने के पीछे जाने वाले रास्ते पर नाली निर्माण को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा है। कई बार राजस्व और पुलिस प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो सका।


ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने आईजीआरएस से लेकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त तक शिकायतें कीं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
‘बेटियों का रिश्ता करने से भी कतरा रहे लोग’
जलजमाव का असर अब गांव के सामाजिक जीवन पर भी पड़ने का ग्रामीणों ने दावा किया है। एक महिला ने कहा कि रास्ते की बदहाली के कारण गांव के युवकों और युवतियों के विवाह में भी परेशानी आ रही है। लोगों को अपनी बेटियों का विवाह यहां करने में भी संकोच होने लगा है।
ग्रामीणों ने कहा कि गाड़ियां घर तक नहीं पहुंचने से उन्हें उन्हें सड़क पर खड़ी करना पड़ता है। इससे वाहन मालिकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से समस्या झेलने के बाद मजबूरी में मकानों पर ‘बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाए गए हैं। उनका कहना है कि जब तक सड़क और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, विरोध जारी रहेगा।

एसडीएम चंदप्रकाश सिंह ने बताया कि मतलूबपुर में जलजमाव और ग्रामीणों के विरोध का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच के लिए टीम मौके पर भेजी जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *