
डीएम न्यायालय ने लोक सुरक्षा और लोकशांति के दृष्टिगत की कार्रवाई, एक लाइसेंसी की मृत्यु के बाद लाइसेंस स्वतः समाप्त माना
15 सितंबर को पारित आदेशों में आपराधिक मुकदमों, शस्त्रों के इस्तेमाल, कारतूस खरीद और लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों की हुई समीक्षा
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जनपद में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी न्यायालय ने लोक सुरक्षा और लोकशांति के दृष्टिगत छह शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए। भारतीय शस्त्र अधिनियम-1959 की धारा 17(3) के तहत 15 सितंबर 2026 को पारित आदेशों में संबंधित लाइसेंसधारकों के आपराधिक मामलों, शस्त्रों के उपयोग, पुलिस आख्या और लाइसेंस की शर्तों से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया गया।
थाना गंभीरपुर क्षेत्र के कमरावों गांव निवासी मो. आरिफ पुत्र अब्दुल वहाब के राइफल और रिवॉल्वर के दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2012 और 2018 के विभिन्न आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें पाक्सो एक्ट से संबंधित मामला विशेष न्यायालय पाक्सो में विचाराधीन बताया गया है। पुलिस आख्या में शस्त्र खरीदने के बाद कुल 150 कारतूस खरीदे जाने और तीन कारतूस शेष होने का भी उल्लेख है। हर्ष फायरिंग और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को लोक सुरक्षा एवं लोकशांति के लिए आधार मानते हुए दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए।
जानकीपुरम में दर्ज मुकदमे के आधार पर राइफल लाइसेंस रद्द
कोतवाली क्षेत्र के पुरा जोधी निवासी मनजीत उर्फ रंजीत सिंह पुत्र स्व. यदुनन्दन सिंह का एनपीबी राइफल लाइसेंस भी निरस्त किया गया है। आदेश के अनुसार उनके विरुद्ध वर्ष 2020 में लखनऊ के जानकीपुरम थाने में धारा 307 आईपीसी और आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। मामला विचाराधीन बताया गया है। संबंधित राइफल 30 मई 2020 से जानकीपुरम थाने में जमा है।
हत्या के प्रयास और लूट समेत कई मुकदमों का उल्लेख
महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकन्दरपुर निवासी मो. फैसल पुत्र मो. हम्माद का एनपीबी राइफल लाइसेंस भी निरस्त किया गया है। आदेश में वर्ष 2018 और 2022 के चार आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल हैं। पुलिस आख्या में लाइसेंसी शस्त्र से संबंधित फायरिंग और कारतूसों के उपयोग का भी उल्लेख किया गया।
बरदह थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी निवासी अशरफ जुमा/जमो पुत्र रुस्तम अली का डीबीबीएल गन का लाइसेंस भी निरस्त किया गया। आदेश में वर्ष 1994 से 2020 तक दर्ज कई आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस आख्या में कई अभियोग लंबित होने तथा उन्हें इतिहासशीटर के रूप में दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
125 कारतूस खरीदने का भी पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख
निजामाबाद थाना क्षेत्र के बैसर संसारपुर निवासी जिलेदार यादव पुत्र बासुदेव यादव का एसबीबीएल गन लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया। उनके विरुद्ध वर्ष 2025 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने और आरोप-पत्र न्यायालय भेजे जाने की जानकारी पुलिस आख्या में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2003 से 2025 के बीच कुल 125 कारतूस खरीदे गए, जिनमें 17 कारतूस शेष बताए गए हैं।
लाइसेंसी की मृत्यु पर कार्रवाई समाप्त
फूलपुर थाना क्षेत्र के विशेसा गांव निवासी असहद उर्फ चुन्नू शेख पुत्र हारून के रिवॉल्वर लाइसेंस के संबंध में भी कार्रवाई की गई थी। उनके खिलाफ वर्ष 2016 में फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख था। कार्रवाई के दौरान उनकी चार सितंबर 2024 को मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने मृत्यु के कारण शस्त्र लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी।
साथ ही लाइसेंस पंजिका में ‘शस्त्र लाइसेंस निरस्त’ अंकित करने और भविष्य में इसका नवीनीकरण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी न्यायालय ने आदेशों के अनुपालन में संबंधित शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण का विवरण लाइसेंस पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित शस्त्र कार्यालय और पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस के अनुसार शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और लोक सुरक्षा एवं लोकशांति को प्रभावित करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।