

नेहरू हाल में जुटे सपा नेता और कार्यकर्ता, सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा- समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने में ईशदत्त यादव का अहम योगदान
पूर्व सांसद स्व. ईशदत्त यादव को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सपा नेताओं ने उनके संघर्ष और समाजवादी विचारधारा के प्रति योगदान को याद किया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने गरीबों, किसानों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के संस्थापक, वरिष्ठ अधिवक्ता, समाजसेवी और पूर्व सांसद स्वर्गीय ईशदत्त यादव की 27वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को नेहरू हाल कलेक्ट्रेट में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि आजमगढ़ लोकसभा सांसद एवं मुख्य सचेतक धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ईशदत्त यादव जैसे नेताओं ने चौधरी चरण सिंह और मुलायम सिंह यादव के साथ रहकर समाजवादी आंदोलन को मजबूत किया। उन्होंने गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए नीतियां बनाने तथा जन आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि स्व. ईशदत्त यादव राज्यसभा में गरीबों, किसानों और मजलूमों की आवाज को लगातार बुलंद करते थे। वह नेताजी मुलायम सिंह यादव के विश्वासपात्र और करीबी नेताओं में शामिल थे तथा समाजवादी पार्टी के नीति निर्धारण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
धर्मेंद्र यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से जनता परेशान है। उनके अनुसार, वर्ष 2027 में जनता अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएगी।
पूर्व मंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय महासचिव व एमएलसी बलराम यादव ने कहा कि उन्हें ईशदत्त यादव के साथ काम करने का अवसर मिला। नेताजी जहां भेजते थे, वहां जाकर दोनों ने संगठन को मजबूत करने का काम किया। उन्होंने कहा कि ईशदत्त यादव राज्यसभा में गरीबों और मजलूमों की आवाज बने।
पूर्व मंत्री एवं विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि ईशदत्त यादव विद्वान अधिवक्ता और समाजसेवी थे। गरीबों और मजलूमों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ वह अधिकारियों के यहां जाकर उनकी लड़ाई लड़ते थे।
पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि ईशदत्त यादव की पुण्यतिथि पर सभी को संकल्प लेना चाहिए कि पीडीए के लोग संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें। उन्होंने भाजपा सरकार पर दमन, हत्या, छिनैती, चोरी और जमीनों पर कब्जे जैसी समस्याओं को लेकर सवाल उठाए।
जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि स्व. ईशदत्त यादव को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सभी लोग आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने के लिए काम करें। उन्होंने वर्ष 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से जुटने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्वर्गीय ईशदत्त यादव के पुत्र एवं पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव ने अतिथियों, पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने की, जबकि संचालन सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने किया।
इस अवसर पर शिक्षक एमएलसी एवं विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, डॉ. संग्राम यादव, अखिलेश यादव, कमलाकांत राजभर, डॉ. एचएन सिंह पटेल, पूजा सरोज, बेचई सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली, पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव, राकेश कुमार यादव गुड्डू, पूर्व मंत्री डॉ. रामदुलार राजभर, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में जगदीश यादव, शोभनाथ यादव, वसीम उद्दीन शेख, अवध राज यादव, रामहरी चौहान, इंद्रजीत यादव, कैलाश यादव, जूठन यादव, लोकतंत्र सेनानी हरिश्चंद्र पांडेय सहित बड़ी संख्या में सपा नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।