
दवा बेचने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर करते थे ठगी, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ सरगना
आजमगढ़। सिधारी थाना पुलिस ने मंगलवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए कई जनपदों में सक्रिय अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। खेमऊपुर रोड स्थित नहर पुलिया के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में गिरोह का सरगना पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके चार साथियों को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, नकदी, मारुति-800 कार और ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सिधारी थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि दवा बेचने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह मारुति-800 कार से खेमऊपुर होते हुए आजमगढ़ की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी।
रोकने पर पुलिस टीम पर की फायरिंग
कुछ देर बाद संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने वाहन रोकने का इशारा किया तो चालक कार लेकर भागने लगा। थोड़ी दूर जाकर कार से सभी आरोपी उतरकर भागने लगे। इसी दौरान गिरोह के सरगना ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी नहीं रुका। इसके बाद आत्मरक्षा में की गई नियंत्रित जवाबी फायरिंग में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को गिरफ्तार कर जिला अस्पताल भेजा गया।
सरगना समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें मुठभेड़ में घायल ध्यान सिंह (34) निवासी भोजपुर, मुरादाबाद, छत्रपाल (42) निवासी उधमसिंह नगर (उत्तराखंड), कुलदीप (35), राजा (20) तथा सरिता सिंह (34) शामिल हैं।
नकली दवाएं देकर वसूलते थे मोटी रकम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका संगठित गिरोह गांव और शहरों में घूम-घूमकर दवा बेचने का काम करता था। वे लोगों को यौन रोग और कमजोरी का डर दिखाकर अपने झांसे में लेते थे तथा नकली दवाएं देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि 2 अगस्त 2026 को पवई क्षेत्र में एक दुकान से करीब पांच हजार रुपये चोरी की थी।
हथियार, नकदी और वाहन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा (.315 बोर), दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, तीन हजार रुपये नकद, एक आधार कार्ड, विभिन्न दवाखानों के 12 विजिटिंग कार्ड तथा एक मारुति-800 कार बरामद की है।
सरगना पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के अनुसार गिरोह के सरगना ध्यान सिंह के खिलाफ लखनऊ और आजमगढ़ में धोखाधड़ी, जालसाजी और ठगी समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। जबकि अन्य चार आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है।
बीएनएस और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज
बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर थाना सिधारी में बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।