
स्कूल जाते समय छोला खाने की चर्चा, परिजन बोले— शरीर का रंग पड़ गया था नीला; मौत के कारणों पर बना रहस्य
आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के चकरसुलपुर गांव निवासी 16 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मौत के वास्तविक कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार, चकरसुलपुर गांव निवासी लल्लन यादव का 16 वर्षीय पुत्र निखिल यादव बुधवार को घर से खाना खाकर साइकिल से मार्टिनगंज स्थित विद्यापीठ इंटर कॉलेज पढ़ने गया था। परिजनों के मुताबिक, विद्यालय पहुंचने के कुछ ही देर बाद उसके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। स्कूल प्रशासन ने तत्काल उसे महुजा मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए जौनपुर रेफर कर दिया।
परिजन निखिल को लेकर जौनपुर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव घर लाया गया, जहां मां बिंदा देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल जाते समय निखिल ने मुक्तिपुर बाजार की एक दुकान से छोला खाया था। परिजनों का कहना है कि तबीयत बिगड़ने के दौरान उसके शरीर का रंग भी नीला पड़ गया था। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है और इसकी आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।
निखिल कक्षा 10 का छात्र था। वह चार बहनों—वंदना, रंजना, रूबी, लुची और खुशी—का इकलौता भाई तथा परिवार का सबसे छोटा सदस्य था। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे तथा शोक संवेदना व्यक्त की। मृतक का अंतिम संस्कार जौनपुर के रामघाट पर कर दिया गया।