FIR के बाद भी नहीं रुका संचालन! रानी की सराय में ‘माँ सर्वेश्वरी क्लिनिक’ पर फिर चला स्वास्थ्य विभाग का बुलडोज़र, क्लिनिक सील

आजमगढ़ शहर

सरायमीर में पहले दर्ज हो चुकी है एफआईआर, अब बिना वैध पंजीकरण रानी की सराय में क्लिनिक संचालित मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई; सीएमओ बोले— नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी कोई राहत


आजमगढ़। जिले में बिना वैध पंजीकरण संचालित निजी अस्पतालों और क्लिनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। पहले सरायमीर में कार्रवाई और एफआईआर के बाद अब रानी की सराय में संचालित ‘माँ सर्वेश्वरी क्लिनिक’ को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया। कार्रवाई के बाद जिले के निजी चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप मच गया है।


मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानी की सराय के अधीक्षक कैप्टन डॉ. मनीष तिवारी ने क्लिनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान क्लिनिक संचालक वैध पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में क्लिनिक का संचालन डॉ. अंगद पाल द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद नियमानुसार प्रतिष्ठान को तत्काल सील कर दिया गया।


पहले सरायमीर में एफआईआर, अब रानी की सराय में सीलिंग
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, माँ सर्वेश्वरी क्लिनिक का नाम पहले भी सरायमीर में सामने आया था, जहां विभाग ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बावजूद दूसरे क्षेत्र में इसी नाम से क्लिनिक संचालित होने की सूचना मिलने पर दोबारा जांच कर कार्रवाई की गई।


सीएमओ का स्पष्ट संदेश— जगह बदलने से नहीं बचेगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. वर्मा ने कहा कि बिना वैध पंजीकरण किसी भी स्थान पर अस्पताल या क्लिनिक का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कार्रवाई के बाद कोई संचालक स्थान बदलकर दोबारा संचालन करता है, तो उसके विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


जिले भर में चल रहा है विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध अस्पतालों, क्लिनिकों और सोनोग्राफी केंद्रों की जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।


जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना पंजीकरण या मानकों के विपरीत संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा।

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