फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन, आधार-पैन कार्ड व सरकारी दस्तावेज बनाकर बेरोजगारों को बनाते थे शिकार
आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ की रानी की सराय पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपित फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र तथा विभिन्न सरकारी कार्यालयों के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूलते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में रानी की सराय पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार 26/27 जुलाई की रात प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मोबाइल लोकेशन के आधार पर आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग स्थित कोटिला कट के पास एक ब्रेजा कार के निकट तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मधुबनी निवासी लालू उर्फ राकेश कुमार तथा बलिया जनपद के दिनेश कुमार गुप्ता और धर्मेन्द्र गुप्ता के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों को रात 11:55 बजे गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार इस मामले की शुरुआत 20 मई 2026 को हुई थी, जब रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव ने नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। इस संबंध में थाना रानी की सराय में मुकदमा संख्या 123/2026 दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान इन तीनों आरोपियों के नाम सामने आए।
जांच में पता चला कि आरोपी स्वयं को नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताकर बेरोजगार युवाओं से संपर्क करते थे। सरकारी विभागों और निजी कंपनियों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर पहले विश्वास जीतते और फिर उनसे बड़ी रकम वसूल लेते थे। इसके बाद फर्जी पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार कर उन्हें नौकरी मिलने का भरोसा दिलाया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, दो एयरटेल सिम, 11 फर्जी मोहरें, इंकपैड, स्टेपलर, आधार कार्ड, पुलिस वेरिफिकेशन प्रोफार्मा, प्रमाणित पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार एवं पैन कार्ड की प्रतियां, जन्म प्रमाणपत्र, नागालैंड के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के प्रोफार्मा, एक प्रमाणित दस्तावेज, एक लिफाफा, एक ब्रेजा कार, रेलवे पहचान पत्र तथा ₹5,360 नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध रानी की सराय थाने में धोखाधड़ी एवं कूटरचना से जुड़े अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और संभावित पीड़ितों की पहचान में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।