
तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद अस्पताल प्रबंधन और छह लोगों पर मुकदमा, सिधारी पुलिस ने शुरू की विवेचना
आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र स्थित रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में कथित नवजात शिशु अदला-बदली के बहुचर्चित मामले में आखिरकार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के नोडल अधिकारी की तहरीर पर थाना सिधारी में मुकदमा संख्या 311/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 281 के तहत अस्पताल से जुड़े छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला
एफआईआर के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र निवासी कमलेश वर्मा की पत्नी नेहा सोनी ने 12 मई 2026 को जिला महिला चिकित्सालय में एक नवजात पुत्र को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसी दिन उसे उपचार के लिए सिधारी स्थित रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। शिकायत है कि 27 मई को अस्पताल से छुट्टी के समय उनके पुत्र के स्थान पर एक नवजात पुत्री सौंप दी गई। जब परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से इसका विरोध किया तो उन्हें कथित रूप से डरा-धमकाकर चुप रहने का दबाव बनाया गया।
सोशल मीडिया पर मामला आने के बाद बढ़ा दबाव
एफआईआर में दर्ज तथ्यों के अनुसार, मामला सोशल मीडिया पर उठने और शिकायत बढ़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दूसरे परिवार से संपर्क किया। आरोप है कि उसी रात संबंधित परिवार के घर से नवजात पुत्र को वापस अस्पताल लाया गया और बाद में कमलेश वर्मा को उनका पुत्र सौंपा गया। इसके बाद दूसरे परिवार को उनकी नवजात पुत्री दी गई। पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जिलाधिकारी ने गठित की थी तीन सदस्यीय जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी, नगर क्षेत्राधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति ने विस्तृत जांच के बाद 10 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जांच रिपोर्ट में सामने आई अस्पताल की लापरवाही
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दोनों नवजातों के भर्ती होने के बाद अस्पताल कर्मियों की लापरवाही से बच्चों की पहचान वाले टैग बदल गए, जिसके कारण दोनों शिशुओं की अदला-बदली हो गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अस्पताल प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। हालांकि जांच में बच्चों की अदला-बदली जानबूझकर किए जाने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई।
इन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
जांच रिपोर्ट के आधार पर स्टाफ नर्स नीतू यादव, अनुरजित चौहान, जयकृष्ण शुक्ल, शशि कुमार पांडेय, माधवी यादव तथा कन्हैया यादव के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने शुरू की विवेचना
थाना सिधारी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विवेचना के दौरान संबंधित अभिलेख, चिकित्सकीय दस्तावेज, जांच समिति की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।