
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप, न्यायालय की शरण लेने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विधवा महिला की प्रार्थना पर न्यायालय के आदेश के बाद अहरौला थाने में छेड़छाड़, मारपीट, जान से मारने की धमकी समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
पीड़िता द्वारा न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 9 मई 2026 की सुबह उसकी पुत्री खेत से घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही एक युवक ने उसे रोककर पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर पीड़िता मौके पर पहुंची तो आरोप है कि अन्य परिजन भी वहां आ गए और मारपीट कर गाली-गलौज की।
पहले भी प्रताड़ना के लगाए आरोप
प्रार्थना पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी पूर्व में भी उसके साथ जबरन संबंध बनाने का प्रयास कर चुका है। विरोध करने पर उसके और उसकी बेटियों के साथ मारपीट की गई तथा कपड़े फाड़कर अपमानित किया गया। महिला ने यह भी दावा किया है कि उसके पास घटना का वीडियो और मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
महिला का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं, मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया। बाद में 10 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन तब भी कार्रवाई नहीं हुई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किए जाने के बाद अदालत के आदेश पर अहरौला थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।