
छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए शिक्षकों के प्रति जताया आभार, प्रधानाचार्य ने बताया शिक्षक को राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जिले के प्रतिष्ठित विद्यालय सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, एलवल में शनिवार को शिक्षक दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रशांत चंद्रा, आवासीय प्रबंधक प्रद्युम्न जायसवाल एवं अनिरुद्ध जायसवाल, प्रधानाचार्य विनय पाण्डेय, सीएओ साक्षी बिसेन, उप-प्रधानाचार्य संजय कुमार पाण्डेय तथा को-ऑर्डिनेटर धीरेन्द्र भारद्वाज एवं मोना सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों को तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद सरस्वती वंदना ‘मां सरस्वती शारदे’ से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। विद्यार्थियों ने भाषण, कविता, नाटक, गीत और नृत्य सहित विभिन्न मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षक की भूमिका और उनके महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने के साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर उत्साह और उमंग से भर उठा।
शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
शिक्षक व्यक्तित्व निर्माण के साथ राष्ट्र के भविष्य को देते हैं दिशा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय पाण्डेय ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के साथ राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और निरंतर परिश्रम का होना भी जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानाचार्य विनय पाण्डेय ने सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।