
मृत छात्रा के घर पहुंच किसान संगठनों ने व्यक्त की शोक संवेदना
आजमगढ़। नीट अभ्यर्थी सृष्टि यादव द्वारा आत्महत्या किये जाने को लेकर जिले का किसान संगठनो में आक्रोश व्याप्त है। शनिवार की शाम सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मृत छात्रा के घर पहुंचा और विविध परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त किया। इसके साथ ही केंद्र सरकार से छात्रा के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा व एनटीए को भंग कर परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग किया।
किसान नेता राजीव यादव और वीरेंद्र यादव ने बताया कि किसान संगठनों का प्रतिनिधिमंडल शहर के सिविल लाइन स्थित मृत छात्र के आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवार गहरे सदमे में है। किसान नेताओं का आरोप है कि नीट परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और छात्रों के बीच बढ़ते अविश्वास ने इस तरह की दुखद घटनाओं को जन्म दिया है। उनका कहना है कि सृष्टि यादव पहले भी नीट परीक्षा से जुड़ी परिस्थितियों से प्रभावित हुई थी और दोबारा परीक्षा में शामिल हुई थी।
किसान नेताओं ने कहा कि छात्रा के पिता का पहले ही निधन हो चुका था और अब बेटी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य व भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। यह भी कहा कि वे छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता विनोद यादव, अवधेश यादव आदि शामिल रहे।