सीएमओ के औचक निरीक्षण में सामने आई स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत, 2047 मरीजों का हुआ उपचार

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महाराजपुर और जमीं फरेंदा पीएचसी में व्यवस्थाओं का लिया जायजा, जन आरोग्य मेले में 42 आयुष्मान कार्ड बने
जिले के 76 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मेले में 84 चिकित्सकों और 269 पैरामेडिकल कर्मियों ने दी सेवाएं, चार मरीज उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के तहत रविवार को जिले के 76 स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को जांच, उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने पल्हनी विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महाराजपुर और जमीं फरेंदा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया। साथ ही जन आरोग्य मेले की व्यवस्थाओं और संचालन की जानकारी ली।


महाराजपुर पीएचसी में सभी चिकित्सक मिले उपस्थित
सीएमओ ने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महाराजपुर में सभी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित पाए गए। स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन आरोग्य मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज को बिना किसी असुविधा के आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाए। जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय से उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर करने को भी कहा।
84 चिकित्सकों और 269 पैरामेडिकल कर्मियों ने दी सेवाएं
जिले के सभी 76 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 84 चिकित्सकों और 269 पैरामेडिकल कर्मियों ने सेवाएं दीं। मेले में कुल 2047 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 867 पुरुष, 875 महिलाएं और 305 बच्चे शामिल रहे। पात्र लाभार्थियों के 42 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए, जबकि कोविड हेल्प डेस्क पर 201 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई।
डायबिटीज के 325 और गैस्ट्रो के 314 मरीजों की जांच
मेले में विभिन्न रोगों से संबंधित मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज के 325, गैस्ट्रो संबंधी 314, त्वचा रोग के 241, श्वसन संबंधी 196 और हाइपरटेंशन के 112 मरीजों की जांच की गई। इसके अलावा लीवर संबंधी 40, एनीमिया के 35 और टीबी से संबंधित आठ मरीजों की जांच हुई।
कुपोषित 130 बच्चों की भी जांच कर आवश्यक परामर्श दिया गया। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के क्रम में 89 महिलाओं की एएनसी जांच की गई। अन्य बीमारियों से संबंधित 775 मरीजों को भी चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार चार मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर किया गया।
लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति पर कार्रवाई की चेतावनी
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही जांच, उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता और स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, कार्य के प्रति उदासीनता अथवा अनधिकृत अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।

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