

आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 24वीं बोर्ड बैठक में छह प्रस्तावों पर हुई चर्चा, ‘तमसा गार्डेन एन्क्लेव’ को लेकर दिए सख्त निर्देश
आजमगढ़। मंडलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में बुधवार को आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 24वीं बोर्ड बैठक उनके कार्यालय सभागार में हुई। बैठक में कुल छह प्रस्ताव अनुमोदन के लिए रखे गए। इनमें वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-व्यय बजट, मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आवासीय टाउनशिप विकसित करने के लिए ग्राम कोटिला में चिन्हित भूमि को आपसी समझौते से खरीदने और जेम पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञ एवं अनुभवी स्टाफ लेने समेत अन्य प्रस्ताव शामिल रहे।
35,762.38 लाख रुपये की राजस्व आय प्रस्तावित
विकास प्राधिकरण की ओर से प्रस्तुत बजट में मानचित्र शुल्क, उप विभाजन शुल्क, शमन शुल्क और विकास शुल्क से 500 लाख रुपये, संपत्ति नामांतरण एवं परिवर्तन शुल्क, स्टांप ड्यूटी व लेबर सेस से 20 लाख रुपये तथा अन्य मदों से 35,042.38 लाख रुपये की आय प्रस्तावित की गई। इस तरह कुल राजस्व आय 35,762.38 लाख रुपये प्रस्तावित है।
वहीं वेतन, भत्ता, मानदेय और ऋण वापसी आदि पर 152.25 लाख रुपये, प्रशासनिक व्यय में 63.65 लाख रुपये, सोशल एक्टिविटी में 260 लाख रुपये और अन्य मदों में व्यय को मिलाकर कुल राजस्व व्यय 35,569.38 लाख रुपये प्रस्तावित किया गया। चर्चा के बाद मंडलायुक्त ने बजट को अनुमोदित कर दिया।
सरकारी जमीन का किसी को न मिले भुगतान
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत ग्राम कोटिला में प्रस्तावित ‘तमसा गार्डेन एन्क्लेव’ आवासीय टाउनशिप के लिए चिन्हित भूमि को आपसी समझौते के आधार पर खरीदने के प्रस्ताव पर मंडलायुक्त ने विशेष रूप से सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में सरकारी भूमि का भुगतान किसी व्यक्ति को नहीं होना चाहिए। इस मामले में उपजिलाधिकारी की जिम्मेदारी तय करने के साथ ही एसडीएम और तहसीलदार से प्रमाण पत्र लेने के निर्देश दिए गए।
नर्सिंग होम के अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई
बैठक में बोर्ड के मनोनीत सदस्यों ने आजमगढ़-बिलरियागंज मार्ग पर कुछ नर्सिंग होम द्वारा सड़क की जमीन पर अस्थायी कब्जा कर उसे साइकिल स्टैंड के रूप में इस्तेमाल किए जाने का मामला उठाया। इससे राहगीरों को परेशानी होने की जानकारी दी गई।
मंडलायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर आयुक्त-प्रशासन और मुख्य राजस्व अधिकारी को तत्काल मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों अधिकारियों को हर माह ऐसी सड़कों का नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
अवैध निर्माण जारी रहा तो दर्ज होगी एफआईआर
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने विकास प्राधिकरण के अवर अभियंताओं को पिछले वर्ष जारी शासनादेश का अध्ययन कर उसी के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अवैध निर्माण रोकने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहता है तो संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
डीएम ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आवासीय टाउनशिप के लिए अवमुक्त धनराशि का तत्काल उपयोग करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अपर आयुक्त-प्रशासन प्रमोद कुमार पांडेय, मुख्य राजस्व अधिकारी/सचिव विकास प्राधिकरण संजीव ओझा, अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन जगनारायण झा, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग महाबीर सिंह, बोर्ड के मनोनीत सदस्य प्रेम प्रकाश राय, प्रेमनारायण पांडेय व श्यामनारायण सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।