

8.27 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष करीब आठ लाख फार्मर रजिस्ट्री तैयार, शत-प्रतिशत लक्ष्य की ओर बढ़ा जनपद
आजमगढ़। किसानों को डिजिटल पहचान देने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में आजमगढ़ ने प्रदेश में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनपद में 8,27,779 किसानों के लक्ष्य के सापेक्ष करीब आठ लाख फार्मर रजिस्ट्री तैयार हो चुकी हैं। इस तरह करीब 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करते हुए आजमगढ़ प्रदेश में सर्वाधिक फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने वाले जनपदों में अग्रणी बन गया है।
किसान को मिलेगी एकीकृत डिजिटल पहचान
फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसान की पहचान, भूमि संबंधी विवरण और आवश्यक जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है। सत्यापन के बाद पात्र किसान की विशिष्ट फार्मर आईडी तैयार की जाती है। इससे भविष्य में किसान को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपनी जानकारी बार-बार उपलब्ध कराने की जरूरत कम होगी।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों की डिजिटल पहचान को मजबूत करने के साथ उन्हें कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है।
एक डिजिटल पहचान, कई योजनाओं का लाभ
फार्मर रजिस्ट्री पूरी होने से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि इनपुट सहित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ने में सुविधा होगी। डिजिटल डेटा उपलब्ध होने से पात्र लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और डुप्लीकेट अथवा अपात्र लाभार्थियों की पहचान में भी मदद मिलेगी।
राजस्व अभिलेखों के आधार पर तैयार हो रही फार्मर आईडी
फार्मर रजिस्ट्री में मुख्य रूप से उन किसानों को शामिल किया जा रहा है, जिनका नाम संबंधित राजस्व अथवा भूमि अभिलेखों में दर्ज है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसान की पहचान और भूमि संबंधी विवरण का सत्यापन किया जाता है। आवश्यकता के अनुसार आधार, मोबाइल नंबर और भूमि अभिलेखों की मदद से जानकारी का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा रही है।
अंतरविभागीय समन्वय से अभियान को मिली रफ्तार
आजमगढ़ में अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के सतत अनुश्रवण में राजस्व, कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित कर ग्राम स्तर तक अभियान को गति दी गई।
धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष प्रयास किए गए। किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लाभों की जानकारी देने के साथ ही भूमि अभिलेखों के सत्यापन और लंबित मामलों के निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
नाम मिसमैच और अंश निर्धारण के मामलों पर विशेष जोर
अभियान के दौरान नाम मिसमैच, आदेश में नाम और अंश निर्धारण से जुड़े तकनीकी एवं लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संबंधित विभागों और कार्मिकों के बीच समन्वय बनाकर ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जा रहा है। इससे पात्र किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आई है।
शत-प्रतिशत लक्ष्य के लिए बनेगी ग्रामवार रणनीति
करीब 96 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के बाद अब जनपद प्रशासन की नजर शत-प्रतिशत लक्ष्य पर है। शेष किसानों की ग्रामवार और क्षेत्रवार सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाया जाएगा। धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा के साथ जरूरत के अनुसार विशेष टीमों को लगाया जाएगा।
राजस्व, पंचायत और कृषि विभाग के बीच समन्वय बढ़ाकर भूमि संबंधी सत्यापन में तेजी लाई जाएगी। साथ ही ग्राम स्तर पर किसानों को जागरूक कर फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डिजिटल किसान, सशक्त किसान
फार्मर रजिस्ट्री किसानों और शासन के बीच डिजिटल कड़ी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से किसान की पहचान और भूमि संबंधी विवरण एक डिजिटल व्यवस्था में उपलब्ध होंगे, जिससे भविष्य में कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और सुगम तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
करीब आठ लाख फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर आजमगढ़ ने 96 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है। अब शेष किसानों को जोड़कर जनपद को शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री के लक्ष्य तक पहुंचाने की तैयारी है।