
कप्तानगंज के बनकट जगदीश गांव की मार्मिक घटना, संपत्ति विवाद में उलझे रिश्तों ने इंसानियत को भी किया शर्मसार, आज होगा अंतिम संस्कार
आजमगढ़। जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बनकट जगदीश गांव से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पिता की मौत के बाद कथित तौर पर उसके दोनों बेटों ने मुखाग्नि देने से इनकार कर दिया। नतीजतन, मौत के 24 घंटे बाद तक पिता का शव अंतिम संस्कार का इंतजार करता रहा। घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, गांव के पूर्व प्रधान के पुत्र हरिराम यादव (60) का गुरुवार दोपहर हृदयाघात (हार्ट अटैक) से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि हरिराम यादव ने अपनी मृत्यु से पहले अपनी पैतृक संपत्ति की वसीयत अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी थी। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों बेटे इससे नाराज बताए जा रहे थे।
आरोप है कि गुरुवार को हरिराम यादव की मौत के बाद दोनों बेटों ने उनका अंतिम संस्कार करने और मुखाग्नि देने से इनकार कर दिया। इसके चलते उनका शव करीब 24 घंटे तक घर पर ही अंतिम संस्कार का इंतजार करता रहा। यह घटना गांव ही नहीं, पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
ग्रामीणों ने कराई सुलह की कोशिश, नहीं बनी सहमति
घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के कई संभ्रांत लोगों और ग्रामीणों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, ताकि मृतक का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जा सके। हालांकि, घंटों चली बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी।
संपत्ति विवाद ने रिश्तों पर खड़े किए सवाल
एक ओर परिवार अपने मुखिया को खोने के दुख में डूबा है, वहीं दूसरी ओर संपत्ति विवाद ने रिश्तों को ऐसी कड़वाहट में बदल दिया कि अंतिम संस्कार जैसे धार्मिक और सामाजिक दायित्व पर भी सवाल खड़े हो गए। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता की एक गंभीर मिसाल माना जाएगा।
पुलिस के हस्तक्षेप पर आज होगा अंतिम संस्कार
सीओ बुढनपुर विजय सिंह के संज्ञान में मामला आने पर पुलिस महकमा सक्रिय हुआ। पुलिस के हस्तक्षेप पर आज अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है।