जेवर लौटाने से मुकरने पर दो के खिलाफ मुकदमा, कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

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मां के 30 ग्राम सोने के करधन और करीब 300 ग्राम चांदी के जेवर लेने का आरोप, रकम मिलने के बाद जेवर लौटाने का किया था वादा, समझौते की समयसीमा बीतने पर भी नहीं लौटाए, धमकी देने का भी आरोप

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। मां के जेवर लेकर रकम उठाने और बाद में वापस करने से मुकरने के आरोप में मुबारकपुर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले एक महिला ने शिकायतकर्ता की मां से यह कहकर जेवर लिए थे कि उसका पति जेल में बंद है और उसे पैसों की जरूरत है। रकम मिलने के बाद जेवर वापस करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में जेवर लौटाने से इनकार कर दिया गया।
एफआईआर के मुताबिक शिकायतकर्ता की मां के पास 30 ग्राम सोने का करधन और करीब 300 ग्राम चांदी के जेवर थे। आरोप है कि आरोपी महिला ने आर्थिक जरूरत बताते हुए काफी अनुरोध किया, जिसके बाद शिकायतकर्ता की मां ने भरोसा करते हुए अपने जेवर उसे दे दिए। आरोपी ने जेवर गिरवी रखकर रुपये लेने और पति के जेल से बाहर आने के बाद जेवर वापस करने की बात कही थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब भी उसने अपनी मां के जेवर वापस मांगे तो आरोपी महिला और उसके पति ने आज-कल में देने की बात कहकर टाल दिया। आरोप है कि बाद में दोनों ने जेवर वापस करने से साफ इनकार कर दिया और कथित तौर पर धमकी दी कि वे किसी भी कीमत पर जेवर वापस नहीं करेंगे।
थाने से लेकर एसएसपी तक लगाई गुहार
जेवर वापस न मिलने पर शिकायतकर्ता ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, जून 2026 में पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बातचीत की थी। इस दौरान आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता की मां के जेवर अपने पास होने की बात स्वीकार करते हुए 28 जून 2026 तक जेवर वापस करने की बात कही थी। दोनों पक्षों के बीच थाने में लिखित समझौता भी हुआ।
आरोप है कि समझौते की समयसीमा बीतने के बाद भी जेवर वापस नहीं किए गए। शिकायतकर्ता ने दोबारा पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई न होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद मुबारकपुर थानाध्यक्ष को मामले में संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया। आदेश के अनुपालन में मुबारकपुर थाने में एफआईआर संख्या 336/2026 दर्ज की गई। एफआईआर 14 सितंबर 2026 को दर्ज हुई। मामले की विवेचना के लिए उपनिरीक्षक/दरोगा स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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