
शासन की बड़ी पहल: स्थानीय स्तर पर मिलेगी विजिलेंस की सुविधा, जांच और कार्रवाई में आएगी तेजी
आजमगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की दिशा में शासन ने बड़ा कदम उठाया है। आजमगढ़ मंडल मुख्यालय पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन (विजिलेंस) का नया थाना स्थापित किया जाएगा। इसके बनने से आजमगढ़, मऊ और बलिया जनपदों में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच स्थानीय स्तर पर होगी, जिससे शिकायतों के निस्तारण और कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
दूसरे मंडलों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर
वर्तमान में भ्रष्टाचार संबंधी मामलों की जांच के लिए लोगों को दूसरे मंडलों के विजिलेंस कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता है। हालांकि आजमगढ़ में विजिलेंस की एक यूनिट पुलिस लाइन परिसर से संचालित हो रही है, लेकिन उसके पास अपना भवन और स्थायी कार्यालय नहीं है। नए थाने के निर्माण के बाद यह व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
आजमगढ़, मऊ और बलिया के लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
विजिलेंस थाना बनने से तीनों जिलों के लोगों को शिकायत दर्ज कराने के लिए दूसरे स्थानों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और सरकारी अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच स्थानीय स्तर पर ही तेजी से हो सकेगी। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
विजिलेंस टीम को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नए थाने के निर्माण के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम को अपना भवन, कार्यालय और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे ट्रैप कार्रवाई, जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
भवन निर्माण के लिए जमीन की तलाश शुरू
शासन से विजिलेंस थाना निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। अब राजस्व विभाग शहर के आसपास उपयुक्त सरकारी भूमि की तलाश कर रहा है। जमीन उपलब्ध होते ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर सख्ती की तैयारी
शासन का उद्देश्य भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाना और आमजन को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का मानना है कि आजमगढ़ मंडल में विजिलेंस थाना स्थापित होने से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को नई मजबूती मिलेगी और तीनों जिलों में निगरानी व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी.