
मुस्लिम बहनों ने हिंदू सुहागिनों के हाथों में रचाई मेहंदी, भाईचारे और इंसानियत का दिया संदेश
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। तीज के पावन पर्व पर संकल्प फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। कार्यक्रम में मुस्लिम बहनों ने सैकड़ों हिंदू सुहागिन बहनों के हाथों में प्रेम और स्नेह की मेहंदी रचाकर धर्म और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर इंसानियत का संदेश दिया।

मेहंदी के रंग के साथ ही महिलाओं के हाथों में विश्वास, अपनत्व, सौहार्द और भाईचारे के रंग भी दिखाई दिए। पिछले वर्ष शुरू की गई इस पहल को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी मुस्लिम बहनों ने हिंदू बहनों के हाथों में मेहंदी रचाई। आयोजन का यह दृश्य आपसी प्रेम और सामाजिक समरसता की जीवंत तस्वीर बन गया।
संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष मनीष कृष्ण ने कहा कि मेहंदी का रंग कुछ दिनों बाद फीका पड़ जाता है, लेकिन प्रेम, अपनापन और भाईचारे का रंग कभी फीका नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य समाज में एक-दूसरे के प्रति विश्वास और सद्भाव को मजबूत करना है।
फाउंडेशन के उपाध्यक्ष मोहम्मद अफजल ने कहा कि यह सिर्फ मेहंदी लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस रिश्ते को मजबूत करने की छोटी-सी कोशिश है, जो धर्म और जाति से नहीं बल्कि इंसानियत, प्रेम और विश्वास से बनता है।

नफरत के रंग फीके, प्रेम के रंग गाढ़े करने का संदेश
कार्यक्रम में संकल्प फाउंडेशन के साथियों ने कहा कि हमारी पहचान भले ही अलग-अलग हो सकती है, लेकिन इंसानियत और दिलों का रिश्ता एक है। तीज के इस अवसर पर आयोजित पहल ने समाज को यह संदेश दिया कि आपसी प्रेम और सौहार्द ही सामाजिक समरसता की सबसे मजबूत नींव है। कार्यक्रम के अंत में मेहंदी रचाने वाली सभी बहनों को उपहार देकर उनका आभार व्यक्त किया गया। साथ ही उपस्थित महिलाओं, बहनों और संकल्प फाउंडेशन के सदस्यों को तीज पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।
इन बहनों ने रचाई मेहंदी
मेहंदी लगाने वालों में गुलिस्तां खान, रोजी, महक, सबा शबनम, अलीजा, रेशमा, अफसाना परवीन, रुबीना खातून, शिबू परवीन, पूजा गौड़, शबाना और पिंकी शामिल रहीं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सत्यदीप जायसवाल, विकास जायसवाल, अमित वर्मा, नीरज विश्वकर्मा, शाहिद अंसारी, आशीष चौरसिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।