
हवलदार यादव बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं और नौजवानों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, संविधान और बाबा साहब की तस्वीरें भी छीनीं
आजमगढ़। नीट पेपर लीक के विरोध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जुट रहे छात्र-छात्राओं और नौजवानों पर पुलिस की कार्रवाई का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से प्रदर्शन करने पहुंचे युवाओं को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनके साथ अभद्रता की।
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं और युवाओं के हाथों में संविधान और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें थीं। आरोप है कि पुलिस ने जबरदस्ती तस्वीरें छीनकर फेंक दीं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर, दिल्ली से संसद भवन तक प्रस्तावित मार्च को रोके जाने के विरोध में आजमगढ़ में अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। उनके हाथों में न लाठी थी और न डंडा। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक था।
हवलदार यादव के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल कुछ नौजवान उनके आवास पर पहुंचे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर छात्र-छात्राओं और युवाओं के खिलाफ कथित अवैधानिक एवं दमनात्मक कार्रवाई का विरोध जताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नौजवान आ रहे थे, जिन्हें पुलिस ने जगह-जगह रोक दिया। सपा जिलाध्यक्ष ने पुलिस की इस कथित कार्रवाई की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कथित लाठीचार्ज का भी विरोध किया। हवलदार यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी के सांसद आंदोलनकारियों के संघर्ष में शामिल हुए। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न दलों के नेताओं और अन्य लोगों ने भी आंदोलन का समर्थन किया है।
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और मजदूरों की परेशानियों से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारें धर्म और जाति के नाम पर राजनीति कर रही हैं, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि युवा अब अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहा है। पुलिसिया दमन और अत्याचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि युवाओं का यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।