
तमसा-मंजूषा संगम पर विधि-विधान से हुआ पूजन, पौराणिक महिमा पर आधारित आरती गीत का हुआ लोकार्पण; नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। पौराणिक नदी तमसा के संरक्षण और उसे प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम रविवार को दुर्वासा धाम से जनजागरण के रूप में शुरू हुई। गंगा समग्र के तत्वावधान में आयोजित भव्य समारोह के बीच ‘तमसा बचाओ जागरण यात्रा’ का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान देवी-देवताओं के जयकारों से पूरा धाम गुंजायमान हो उठा। संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों ने नदी संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दुर्वासा महामंडलेश्वर शुभम दास जी महाराज ने तमसा-मंजूषा संगम पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर किया। इस अवसर पर जनपद यात्रा संयोजक एवं सुप्रसिद्ध कवि सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन द्वारा रचित तथा रजनीकांत के मधुर स्वर में प्रस्तुत तमसा की पौराणिक महिमा पर आधारित भव्य आरती गीत का लोकार्पण भी किया गया।
मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत की पहचान हैं। इन्हें अविरल और निर्मल बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि तमसा बचाओ जागरण यात्रा जनमानस में नदी संरक्षण के प्रति नई चेतना पैदा करेगी और लोग इस पुनीत अभियान से जुड़ेंगे।
गंगा समग्र गोरक्ष प्रांत के संयोजक राजकिशोर मिश्र ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ नदियां और सुरक्षित पर्यावरण देना है तो वर्तमान में सार्थक प्रयास करने होंगे। वहीं आर्यमगढ़ विभाग के संरक्षक सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन ने तमसा नदी की पौराणिक महिमा का वर्णन करते हुए इसके बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जनसहयोग और सामूहिक प्रयासों से ही तमसा को उसका गौरवशाली स्वरूप वापस दिलाया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीश्री 1008 दुर्वासा महामंडलेश्वर शुभम दास जी महाराज ने की। साहित्यकार संजय कुमार पांडेय सरस ने संचालन किया, जबकि अंत में फूलपुर के संयोजक रासबिहारी सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर गंगा समग्र के प्रांत सहसंयोजक अजय कुमार राय, आरएसएस के विभाग संघचालक सुरेश शुक्ला, दिलीप शर्मा, प्रेमचंद गिरि, डॉ. एचएन पाठक, दिवाकर सिंह, बलराम तिवारी, राममिलन सिंह, राजनाथ पांडेय, रामकवल तिवारी, अनिल सिंह, महंत संजय पांडेय, विश्वदेव उपाध्याय, राजेश रंजन, अवधेश सिंह, जवाहर पाठक, पंचदेव पांडेय, रणजीत सिंह, रविन्द्र सिंह, शैलेश दास, विनय कुमार विषेन, नीरज गिरि, सच्चिदानंद राय, सुनील राय, सीपी पांडेय, पवन गोस्वामी, हरिकेश राय, ओमप्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, संत-महात्मा और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। अंत में आरती कलाकार विपुल पांडेय की आरती प्रस्तुति ने समारोह को भक्तिमय बना दिया।