आर्थिक आधार पर लागू हो आरक्षण, संविधान को खतरे में बताने वाले पहले करें अध्ययन : अरुण राजभर

आजमगढ़ शहर


अहरौला में सुभासपा का सामाजिक समरसता सम्मेलन, 112 बूथों के कार्यकर्ता हुए शामिल
अरुण राजभर बोले- गांव, गरीब और किसान की आवाज उठाना पार्टी की प्राथमिकता, अतरौलिया में जाति-धर्म देखकर विकास कराने का लगाया आरोप

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। क्षेत्र के लेदौरा गांव स्थित मौनी बाबा कुटिया पर रविवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की ओर से सामाजिक समरसता क्षेत्र अहरौला के जोनल प्रभारी, सेक्टर प्रभारी और बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 112 बूथ, 95 गांव, पांच जोन और 13 सेक्टर के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। संचालन ओमप्रकाश पाल ने किया।
मुख्य अतिथि सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर ने कहा कि पार्टी गांव, गरीब और किसान की बात करती है। गरीबों के स्वास्थ्य, जीवन स्तर में सुधार और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं और संगठन को मजबूत करने में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत
अरुण राजभर ने कहा कि आरक्षण जातिगत आधार के बजाय आर्थिक आधार पर लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान को खतरे में बताते हैं, उन्हें पहले संविधान का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने सामाजिक समरसता और सभी वर्गों की भागीदारी को लेकर पार्टी की प्राथमिकताओं पर भी बात रखी।
सपा विधायक से विकास कार्यों पर मांगा जवाब
अरुण राजभर ने स्थानीय सपा विधायक पर निशाना साधते हुए विकास निधि से होने वाले कार्यों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास के नाम पर खर्च होने वाले धन का हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अतरौलिया क्षेत्र में जाति और धर्म देखकर विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
उन्होंने सिकंदरपुर-नरियांव और कप्तानगंज-गोपालपुर मार्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से गांवों की छोटी गलियों को नाली, सीसी रोड और सड़कों से जोड़ने का कार्य कराया जा रहा है।
शराबबंदी को लेकर सरकार पर उठाया सवाल
अरुण राजभर ने कहा कि चुनाव के समय कुछ राजनीतिक दल वोट हासिल करने के लिए लोगों को शराब और अन्य चीजों का लालच देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि गुजरात और बिहार में शराबबंदी लागू हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में भी शराबबंदी क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की बड़ी आबादी शराब के सेवन से प्रभावित है।
पूर्व सरकारों पर लगाए आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों में बाहुबलियों और माफियाओं द्वारा जमीनों पर कब्जे किए जाते थे और उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में गरीबों के हित में काम किए जा रहे हैं और प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई की चर्चा है।
अतरौलिया में बदलाव का दावा
सम्मेलन को सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव राजकुमार गुप्ता ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अतरौलिया में परिवर्तन की आंधी चलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने जनता को धोखा दिया है, उनकी विदाई तय है। उन्होंने अतरौलिया में विकास के नाम पर पुराने कार्यों का दोबारा उद्घाटन करने का भी आरोप लगाया।
अरुण राजभर ने कहा कि सुभासपा महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए लगातार काम कर रही है। अतरौलिया के विकास को लेकर पार्टी की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव राजकुमार गुप्ता, राजेश राजभर, सोनू सिंह, अमरमणि कश्यप, अब्दुल मजीद, अभिमन्यु राजभर, सुरेंद्र सिंह, सोनू सिंह, सुरेंद्र यादव लंगड़ू, कविता राजभर, जोगेंद्र निषाद, विंध्याचल सिंह समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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