
संपत्ति अपने नाम कराने के दबाव का आरोप, अदालत ने सभी पर लगाया 1.05 लाख रुपये का अर्थदंड
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। हत्या के करीब नौ वर्ष पुराने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-4 दिनेश कुमार की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सजा पाने वालों में मेहनगर कस्बा निवासी शोभा पांडेय, उसके भाई राजेंद्र पांडेय निवासी भीखमपुर और ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय व रीना पांडेय शामिल हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मेहनगर थाना क्षेत्र के अहियाई गांव निवासी प्रभात कुमार दुबे ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उसके पिता वीरेंद्र दुबे के शोभा पांडेय से अवैध संबंध थे। आरोप के मुताबिक शोभा पांडेय और उसका भाई राजेंद्र पांडेय वीरेंद्र दुबे पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे।
रात में दिया वारदात को अंजाम
अभियोजन के अनुसार दो फरवरी 2017 की रात शोभा पांडेय, राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय और रीना पांडेय ने मिलकर वीरेंद्र दुबे की गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
आठ गवाहों की हुई गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कुल आठ गवाहों को परीक्षित कराया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद सिंह, अविनाश चंद्र राय और पूर्व डीजीसी दशरथ यादव ने पैरवी की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद न्यायालय ने सभी को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।