
18 कमेटियों के नोडल अधिकारियों को 15 दिन में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश, बूथों की सुविधाओं से लेकर दिव्यांग मतदाताओं और कम मतदान वाले क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार ने निर्वाचन कार्यों के लिए गठित 18 कमेटियों के जिला एवं सहायक नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले विधानसभा चुनाव में की गई व्यवस्थाओं और संबंधित अभिलेखों का गहन अध्ययन कर कमियों को चिन्हित करें। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को अगले 15 दिनों में अपने-अपने दायित्वों की विस्तृत बुकलेट तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
18 कमेटियों को सौंपे गए अलग-अलग दायित्व
बैठक में मैनपॉवर एवं ट्रेनिंग मैनेजमेंट, स्वीप और एएमएफ के नोडल अधिकारी सीडीओ राकेश कुमार पटेल, मैटेरियल मैनेजमेंट के परियोजना निदेशक डीआरडीए सच्चिदानन्द प्रसाद, ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट के एडीएम प्रशासन संजय चावला, कम्युनिकेशन, साइबर सिक्योरिटी एवं आईटी के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी चन्दन कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।
लॉ एंड ऑर्डर, वीएम एवं सिक्योरिटी प्लान, एमसीसी, शिकायत निस्तारण, वोटर हेल्पलाइन एवं ऑब्जर्वर्स की जिम्मेदारी एडीएम वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह को दी गई है। ईवीएम मैनेजमेंट के नोडल अधिकारी महाप्रबंधक चीनी मिल विकास सिंह, व्यय पर्यवेक्षण के मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, बैलेट पेपर, पोस्टल बैलेट एवं ईटीपीबीएस के नोडल अधिकारी एडीएम प्रशासन संजय चावला तथा मीडिया के नोडल अधिकारी जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार हैं।
कम्युनिकेशन प्लान, बूथ, सीसीटीवी, वेबकास्टिंग, डिस्पैच-रिसीविंग सेंटर, काउंटिंग सेंटर, टेंडर और वीडियोग्राफी संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा को दी गई है।
पुरानी व्यवस्था का अध्ययन, नई तैयारी और बेहतर
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि अधिकारी पिछले विधानसभा चुनाव की व्यवस्थाओं, तैयारियों और फाइलों का अध्ययन कर पूर्व अनुभवों का लाभ लें। 15 दिन में तैयार होने वाली बुकलेट में कमेटी के दायित्व, अब तक की कार्रवाई, उपलब्ध एवं आवश्यक संसाधन, लंबित कार्य और आगामी कार्ययोजना का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
साथ ही निर्वाचन आयोग की नवीनतम गाइडलाइन का गहन अध्ययन कर प्रत्येक कार्य निर्धारित मानक और समयसीमा के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बूथों पर बिजली-पानी से लेकर रैंप तक की होगी जांच
डीएम ने पिछले चुनाव में बनाए गए सभी मतदान केंद्रों का संबंधित अधिकारियों से भौतिक सत्यापन कराने को कहा। मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, प्रकाश व्यवस्था, रैंप और पहुंच मार्ग समेत सभी मूलभूत सुविधाओं की जांच कर कमियों को समय रहते दूर कराने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को बड़े और महत्वपूर्ण मतदान केंद्रों की सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने को कहा गया।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था
दिव्यांग मतदाताओं को मतदान में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता को बिना बाधा अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना निर्वाचन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।
कम मतदान वाले बूथों पर चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
बैठक में कम मतदान प्रतिशत वाले क्षेत्रों और मतदान केंद्रों पर विशेष स्वीप अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मतदाता जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए।
अभियान में युवा, महिलाएं, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को विशेष रूप से जोड़ने पर जोर रहेगा। ‘मतदान मेरा अधिकार और मेरी जिम्मेदारी’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध प्रक्रिया है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में संबंधित नोडल अधिकारी और निर्वाचन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।