
कुलपति प्रो. संजीव कुमार की घोषणा से साहित्य जगत में खुशी, प्रो. हसीन खान बने शोधपीठ के समन्वयक
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जनपद के लाल और विश्वविख्यात साहित्यकार एवं महापंडित राहुल सांकृत्यायन के नाम से महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में शोधपीठ का गठन किया गया है। कुलपति प्रो. संजीव कुमार की इस घोषणा का साहित्यकारों, शिक्षाविदों, कलमकारों और क्षेत्रवासियों ने स्वागत करते हुए इसे आजमगढ़ की साहित्यिक विरासत के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
शोधपीठ के गठन के साथ ही कुलपति ने मालटारी पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के प्रभारी प्रो. हसीन खान को इसका समन्वयक नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति पर शिक्षाविदों और साहित्य प्रेमियों ने प्रसन्नता जताते हुए बधाई दी है।
साहित्य और संस्कृति को मिलेगा नया मंच
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश सिंह ने बताया कि कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और क्षेत्रवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए राहुल सांकृत्यायन के नाम पर शोधपीठ गठित की है। इससे साहित्य, संस्कृति और विशेष रूप से भोजपुरिया समाज से जुड़े विषयों पर शोध एवं अध्ययन को नया मंच मिलने की उम्मीद है।
कुलपति ने कहा कि राहुल सांकृत्यायन के नाम पर शोधपीठ का गठन कर विश्वविद्यालय स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में राष्ट्र के प्रति समर्पण, घुमक्कड़ी के माध्यम से साहित्य सेवा तथा विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के गहन अध्ययन को अपने लेखन में स्थान देना राहुल सांकृत्यायन की विशिष्ट पहचान रही है।
उन्होंने कहा कि शोधपीठ के माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले शोधार्थियों को राहुल सांकृत्यायन के जीवन, साहित्य, चिंतन, यात्राओं और सांस्कृतिक दृष्टिकोण पर शोध का अवसर मिलेगा। उनके संघर्ष, परिश्रम, लेखन क्षमता और घुमक्कड़ी जीवन से नई पीढ़ी को प्रेरणा भी मिलेगी।
प्रो. हसीन खान को मिली जिम्मेदारी
शोधपीठ के गठन के साथ ही कुलपति ने बिना विलंब प्रो. हसीन खान को समन्वयक नियुक्त कर इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी। प्रो. हसीन खान प्रतिष्ठित भाषाविद, साहित्यकार और कवि के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। बहुमुखी प्रतिभा और मृदुभाषी व्यक्तित्व के लिए लोकप्रिय प्रो. खान की नियुक्ति से साहित्य जगत में उत्साह है।
साहित्य प्रेमियों और शिक्षाविदों ने कहा कि राहुल सांकृत्यायन जैसे बहुआयामी व्यक्तित्व के नाम पर गठित शोधपीठ के लिए प्रो. हसीन खान की नियुक्ति विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण निर्णय है। लोगों ने कुलपति के प्रति आभार जताते हुए शोधपीठ के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
साहित्यकारों और सामाजिक संगठनों ने दी बधाई
प्रो. हसीन खान को बधाई देने वालों में प्रमुख साहित्यकार प्रो. गीता सिंह, प्रो. अखिलेश सिंह, प्रो. अरुण सिंह, प्रो. विजय, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. जयप्रकाश यादव, डॉ. प्रवेश सिंह, डॉ. चंद्र विकास, डॉ. फखरे आलम, डॉ. मुकुल दत्त पांडेय, डॉ. सत्येंद्र, डॉ. पीयूष सहित अनेक शिक्षाविद, साहित्यकार, समाजसेवी और सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।