
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़कर आतंकी विचारधारा से प्रभावित करने का आरोप, विदेशी सदस्यों वाले व्हाट्सऐप समूहों से भी जुड़ने का दावा
मोबाइल जांच में आतंकी साहित्य और कथित आपत्तिजनक सामग्री मिलने का दावा, पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण लेने की बातचीत के साक्ष्य मिलने का एटीएस का आरोप
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा से जुड़े होने के आरोप में आजमगढ़ से 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद नबील पुत्र मोहम्मद दानिश, निवासी चितारा महमूदपुर, थाना दीदारगंज, आजमगढ़ के रूप में हुई है। एटीएस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जोड़कर उन्हें आतंकी विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था।
एटीएस का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान AQIS की विचारधारा के प्रचार-प्रसार से जुड़े कई तथ्य सामने आए। जांच में एक अरबी नाम वाले व्हाट्सऐप समूह से उसके जुड़े होने की बात सामने आई है। इस समूह में शामिल सदस्यों को कथित तौर पर ‘मुजाहिद’ कहकर संबोधित किया जाता था। एटीएस के अनुसार, समूह में जिहाद, चाकू, केमिकल और योजना जैसी बातों के लिए अलग-अलग कूट शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था।
विदेशी सदस्यों वाले कई व्हाट्सऐप समूहों से जुड़ने का दावा
जांच एजेंसी के मुताबिक, मोहम्मद नबील ‘Flames of War’ समेत कई अन्य व्हाट्सऐप समूहों से भी जुड़ा था। इन समूहों में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब समेत विभिन्न देशों के लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। एटीएस के अनुसार, इन समूहों के माध्यम से प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल कायदा की विचारधारा का प्रचार किया जा रहा था।
एटीएस का आरोप है कि नबील युवाओं को अपने साथ जोड़ने, उन्हें कथित आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने और इसके लिए धन जुटाने की योजना पर काम कर रहा था।
आतंकी साहित्य साझा करने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने एक व्हाट्सऐप समूह में अल कायदा से जुड़े आतंकी अनवर उल अवलाकी की किताब ‘जेहाद करने के 44 तरीके’ साझा की थी। इसके अलावा AQIS के पूर्व प्रमुख मौलाना आसिम उमर से संबंधित ‘तीसरी जंग-ए-अजीम और दज्जाल’ नामक पुस्तक भी समूह में साझा किए जाने का दावा किया गया है।
एटीएस का कहना है कि समूह में शामिल लोगों को ऐसी सामग्री पढ़ने और कथित आतंकी विचारधारा से प्रभावित होने के लिए प्रेरित किया जाता था।
पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण की बातचीत का दावा
एटीएस के मुताबिक, आरोपी और उसके साथियों के बीच पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण लेने को लेकर बातचीत के साक्ष्य भी मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि बातचीत में बम बनाने से संबंधित सामग्री और वीडियो के साथ पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने को लेकर भी चर्चा हुई थी।
एटीएस ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अपने साथियों के साथ पाकिस्तान के सहयोग से भारत में ‘गजवा-ए-हिंद’ की योजना को लेकर बातचीत कर रहा था।
देश विरोधी गतिविधियों की सूचना पर शुरू हुई थी जांच
एटीएस को सूचना मिली थी कि मोहम्मद नबील सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर अन्य लोगों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों की साजिश कर रहा है। सूचना के सत्यापन के दौरान जांच एजेंसी को AQIS की विचारधारा के प्रचार और युवाओं को अपने साथ जोड़ने से संबंधित तथ्य मिलने का दावा किया गया।
इसके बाद एटीएस थाना लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 14/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 61(2) और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 व 38 के तहत कार्रवाई की गई।
आजमगढ़ में कार्रवाई कर किया गिरफ्तार
शनिवार 12 सितंबर 2026 को यूपी एटीएस ने आजमगढ़ में कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी मोहम्मद नबील को गिरफ्तार कर लिया। एटीएस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।