
कोतवाली में विपिन कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज, रुपये वापस मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवक से 2.39 लाख रुपये लेने और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र थमा देने का मामला सामने आया है। पीड़ित धर्मराज भारती की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर विपिन कुमार यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के मुताबिक मऊ जिले के सराय लखंशी थाना क्षेत्र के पालिगढ़ निवासी धर्मराज भारती ने आरोप लगाया कि शहर के दालसिंगर क्षेत्र निवासी विपिन कुमार यादव के बारे में उसे जानकारी मिली थी कि वह अधिकारियों से संपर्क के जरिए रुपये लेकर नौकरी लगवा देता है। नौकरी की उम्मीद में वह अपने चाचा बाबूलाल के साथ आरोपी के घर पहुंचा। आरोप है कि विपिन यादव ने नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये मांगे और भरोसा दिलाया कि रकम देने के बाद नौकरी लगवा देगा।
पीड़ित के अनुसार उसने अलग-अलग तारीखों में फोन के माध्यम से कुल 2.39 लाख रुपये आरोपी को दिए। एफआईआर में 25 जून, 10 जुलाई, 17 जुलाई, 23 जुलाई, 10 सितंबर सहित अन्य तारीखों में रकम दिए जाने का विवरण दर्ज है। आरोपी ने शेष 61 हजार रुपये नौकरी लग जाने के बाद देने की बात कही थी।
नियुक्ति पत्र मिला तो खुला कथित फर्जीवाड़ा
कुछ दिनों बाद आरोपी ने पीड़ित को एक निजी कंपनी का नियुक्ति पत्र देकर लखनऊ जाकर ज्वाइन करने को कहा। पीड़ित जब नियुक्ति पत्र के आधार पर नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो उसे पता चला कि आरोपी की ओर से दिया गया नियुक्ति पत्र फर्जी और जाली है। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगने शुरू किए। आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर विपिन कुमार यादव भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस से शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित का आरोप है कि मामले में कार्रवाई के लिए उसने कोतवाली में शिकायत की, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने 14 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को भी प्रार्थनापत्र दिया। एफआईआर में उल्लेख है कि स्थानीय स्तर पर समझौते के दौरान हर माह 15 तारीख को 25 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी और 19 मई को 25 हजार रुपये दिए भी गए, लेकिन इसके बाद शेष रकम वापस नहीं की गई। लगातार कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना पुलिस उपाधीक्षक नगर शुभम टोडी को सौंपी गई है। पुलिस ने विपिन कुमार यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 352, 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।