
दुल्हन से लेकर पिता-भाई और रिश्तेदार तक सब फर्जी निकले, मंदिर में शादी के बाद 80 हजार रुपये व जेवर लेकर फरार हो जाता था गिरोह
हिंदी न्यूज़ 24
बरदह/आजमगढ़। शादी कराने के नाम पर लोगों को जाल में फंसाकर रुपये, आभूषण और कपड़े ऐंठने वाले संगठित गिरोह का बरदह पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं। आरोपितों के कब्जे से 19,650 रुपये नकद, पायल, मंगलसूत्र, कान के झुमके, नाक की कील, साड़ी, पैंट-शर्ट के कपड़े और दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
एसपी सिटी मधुबन सिंह ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कार्रवाई का खुलासा किया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी लालगंज भूपेश कुमार पांडेय और ठेकमा चौकी प्रभारी राजेंद्र पटेल मौजूद रहे।
व्हाट्सऐप पर फोटो भेजकर तय कराई शादी
पुलिस के मुताबिक हरदोई के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ गांव निवासी रामबिलाश अपने बेटे राजकुमार की शादी कराने के लिए रिश्तेदार राजेश कुमार कन्नौजिया समेत अन्य लोगों के साथ नौ सितंबर को बरदह थाना क्षेत्र के बंधवा महादेव मंदिर पहुंचे थे। मनोज नामक व्यक्ति ने व्हाट्सऐप पर युवती का फोटो भेजकर शादी के लिए बुलाया था।
मंदिर में राजकुमार की युवती से शादी कराई गई। शादी के दौरान युवती को नाक की कील और 80 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद जब राजकुमार दुल्हन को लेकर घर जाने लगा तो बंधवा मोड़ के पास कथित पिता, भाई और मनोज ने उसे वाहन से उतार दिया। इसके बाद युवती और रुपये लेकर सभी फरार हो गए। पीड़ित की सूचना पर बरदह थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
कोदहरा चौराहे पर घेराबंदी, दो महिलाओं समेत सात दबोचे
मामले की जांच में जुटी पुलिस को शुक्रवार को गिरोह के सदस्यों के कोदहरा चौराहे पर जुटने की सूचना मिली। उपनिरीक्षक मनीष सिंह की टीम ने घेराबंदी कर दो मोटरसाइकिलों के पास मौजूद पांच पुरुषों और दो महिलाओं को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपितों ने कथित तौर पर बताया कि वे संगठित तरीके से ऐसे लोगों को तलाशते थे, जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी। गिरोह की महिला सदस्य का फोटो दिखाकर शादी तय कराई जाती थी। मंदिर में शादी के दौरान दूसरे सदस्य युवती के पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर लड़के पक्ष का भरोसा जीतते थे।
शादी के बाद शुरू होता था असली खेल
पुलिस के अनुसार शादी के दौरान रुपये, जेवर और कपड़े लेने के बाद गिरोह के सदस्य विवाद और मारपीट का माहौल बनाकर लड़के पक्ष को धमकाते थे। इतना ही नहीं, फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर वहां से भगा दिया जाता था। इसके बाद ठगी से मिले रुपये और सामान को आपस में बांट लिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में करीना गौतम दुल्हन, बजरंगी बिन्द और बहादुर उर्फ राजू दुल्हन के भाई, राजन विश्वकर्मा पिता, माधुरी दुल्हन तथा रामबिलाश और जय किशन उर्फ अजीत रिश्तेदार की भूमिका में शामिल थे।
वादी ने की बरामद सामान की पहचान
पुलिस ने बरामद सामान की पहचान वादी से कराई। वादी ने पायल, नाक की कील, कपड़े और रुपये को अपना बताया। इसके बाद मुकदमे में अन्य धाराओं की बढ़ोतरी की गई। घटना में प्रयुक्त दोनों मोटरसाइकिलों को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया गया।
गिरफ्तार आरोपित
बजरंगी बिन्द, मलहज, थाना शाहगंज
राजन विश्वकर्मा, रोचनपुर, थाना सरायख्वाजा
बहादुर उर्फ राजू, जमालपुर, थाना सरायख्वाजा
रामबिलाश, मलहज, थाना शाहगंज
जय किशन उर्फ अजीत, पाण्डेय उर्फ पुरुषोत्तम, थाना लाइन बाजार
करीना गौतम, समोधीपुर, थाना गौरा बादशाहपुर
माधुरी, जासोपुर, थाना सरायख्वाजा, जौनपुर
कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मनीष सिंह, हेड कांस्टेबल उपेन्द्र कुमार, कांस्टेबल सतिभान सिंह, विद्याकान्त, ललित सरोज, रिजर्व पुलिसकर्मी मुकेश यादव, योगेश कुमार दुबे और महिला आरक्षी रिद्धिमा शामिल रहीं।