दहेज में कार न मिलने पर विवाहिता को घर से निकालने का आरोप, ससुराल पक्ष के चार लोगो पर मुकदमा

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जीयनपुर थाने में दर्ज हुई एफआईआर, पति समेत जेठ-जेठानी और ससुर के खिलाफ कार्रवाई; विवाहिता की दो वर्षीय बेटी भी है

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मोचीपुर घाटघाट निवासी राजेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने दहेज उत्पीड़न के आरोप में ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में विवाहिता का ससुर दिलीप गुप्ता, जेठ सूरज, जेठानी जागृति और पति आकाश गुप्ता शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर छह सितंबर 2026 की रात 11:05 बजे दर्ज की गई।
तहरीर के अनुसार, राजेश कुमार की बेटी गुड़िया गुप्ता की शादी नौ दिसंबर 2023 को आकाश गुप्ता पुत्र दिलीप गुप्ता, निवासी रसूलपुर, दोहरीघाट, मऊ के साथ हुई थी। शादी के बाद विवाहिता अपने ससुराल चली गई। आरोप है कि कुछ दिनों बाद ससुराल पक्ष के लोग दहेज को लेकर उसे परेशान करने लगे।
शादी में नकदी और जेवर देने का दावा
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि शादी में नकदी, गाड़ी के लिए रुपये और तीन अंगूठियों सहित सोने की माला दी गई थी। इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से कार की मांग की जाती रही। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता को प्रताड़ित किया गया।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 20 मार्च 2025 को विवाहिता को गाली देकर कहा गया कि उसके पिता कार देने की बात कर रहे थे, लेकिन कार नहीं दी। इसके बाद उसे घर में रखने से इनकार कर दिया गया। विवाहिता की करीब दो वर्ष की बेटी भी है।
मुंबई स्टेशन पर छोड़ने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 25 मार्च 2025 को विवाहिता को मुंबई से लाकर कुर्ला स्टेशन पर उसके जेवरात और कपड़े आदि स्त्रीधन के साथ छोड़ दिया गया। बाद में उसने किसी तरह घर पहुंचकर अपनी मां को पूरी घटना बताई।
विवाहिता के पिता का आरोप है कि जब उन्होंने फोन पर ससुराल पक्ष से बात की तो उनसे कहा गया कि जब तक कार नहीं देंगे, तब तक बेटी को उनके घर न भेजें। शिकायतकर्ता ने अपनी बेटी और उसकी बच्ची के भविष्य को देखते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
तहरीर के आधार पर जीयनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 351(3), 85 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 लगाई गई हैं। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जफर खान को सौंपी गई है।

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