
अंपायर, सर्विस जज और लाइन जज की जिम्मेदारियों का दिया जा रहा प्रशिक्षण, आजमगढ़ समेत पांच जिलों के पुरुष एवं महिला प्रतिभागी ले रहे हिस्सा
आजमगढ़। जिले में बैडमिंटन के विकास और प्रशिक्षित ऑफिशियल्स तैयार करने की दिशा में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन ने महत्वपूर्ण पहल की है। एसोसिएशन के तत्वावधान में 15 और 16 अगस्त को लाइफ लाइन हॉस्पिटल के कॉन्फ्रेंस हॉल में दो दिवसीय बैडमिंटन अंपायरिंग वर्कशॉप-कम-सर्टिफिकेशन कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मेजबान आजमगढ़ के अलावा बनारस, बलिया, जौनपुर और गाजीपुर के पुरुष एवं महिला प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
वर्कशॉप का शुभारंभ ख्यातिलब्ध न्यूरो सर्जन डॉ. अनूप कुमार यादव और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. गायत्री ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खेलों के विकास में खिलाड़ियों के साथ ही प्रशिक्षित और योग्य ऑफिशियल्स की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है।
विश्व स्तरीय अंपायरिंग का अनुभव रखने वाले कोर्स डायरेक्टर अजेंद्र राय के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को बैडमिंटन के आधिकारिक नियमों से लेकर कोर्ट पर वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने तक की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण में BWF और BAI के नियम एवं आचार संहिता, अंपायर, सर्विस जज और लाइन जज की जिम्मेदारियां, स्कोरिंग, मैच मैनेजमेंट तथा दबाव की स्थिति में सही निर्णय लेने जैसे विषय शामिल हैं।
विशेषज्ञों की निगरानी में प्रतिभागियों को कोर्ट पर व्यावहारिक अंपायरिंग का अनुभव भी कराया जा रहा है। कोर्स के फैसिलिटेटर राष्ट्रीय निर्णायक कुमार समर्थ तथा स्टेट निर्णायक सतेंद्र उपाध्याय, पवन कुमार पांडेय और रिया सिंह प्रतिभागियों के प्रशिक्षण एवं आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. डीपी राय, सचिव डॉ. पीयूष कुमार सिंह और कोषाध्यक्ष रमाकांत वर्मा आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में जिला ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, कोषाध्यक्ष मनीष रतन अग्रवाल, मंडलीय क्रीड़ा सचिव दिनेश सिंह, पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की निदेशक डॉ. ज्योति सिंह सहित खेल जगत से जुड़े कई लोग मौजूद रहे।
वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों का लिखित एवं प्रायोगिक मूल्यांकन कराया जाएगा। सफल प्रतिभागियों को कोर्स पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल दो दिवसीय प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि जिले में प्रशिक्षित बैडमिंटन ऑफिशियल्स की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है, जिससे स्थानीय और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के संचालन में गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
कोर्स डायरेक्टर अजेंद्र राय ने बताया कि आजमगढ़ के साथ आसपास के चार जिलों से पुरुष एवं महिला प्रतिभागियों की भागीदारी से वर्कशॉप की महत्ता और बढ़ी है। उम्मीद है कि इस पहल से नए अंपायर एवं अन्य ऑफिशियल्स तैयार होंगे और जिले में बैडमिंटन को नई दिशा मिलेगी।