
आजमगढ़। गोवध और गो-तस्करी के आरोपों से जुड़े संगठित गिरोह के खिलाफ अहरौला पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह के कथित सरगना शहाज अंसारी उर्फ शहाज और सदस्य मुन्ना उर्फ कटारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम-1986 की धारा 2(b)(XVII)/3(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। FIR छह अगस्त 2026 की रात 11:34 बजे दर्ज की गई।
डीएम के अनुमोदन के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
FIR के अनुसार, दोनों आरोपियों के संबंध में तैयार गैंग चार्ट को जिलाधिकारी आजमगढ़ ने 13 मई 2026 को अनुमोदित किया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया, जो आर्थिक और भौतिक लाभ के उद्देश्य से गोवध एवं गो-तस्करी जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
रात में पशुओं को चोरी से ले जाने का आरोप
FIR में पुलिस की पूर्व कार्रवाई का भी उल्लेख है। पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त 2024 को संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नीचे तीन व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दो लोग भाग निकले, जबकि एक को पकड़ लिया गया। पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम मुन्ना उर्फ कटारी बताया और अपने दो अन्य साथियों के नाम बताए। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पशुओं को रात में गांवों से चोरी कर वध के लिए बाहर ले जाने और उससे मिलने वाली रकम को आपस में बांटने की बात सामने आई। इसी कार्रवाई के दौरान चार गोवंश बरामद किए जाने का भी FIR में उल्लेख है।
पुराने मुकदमों का भी FIR में जिक्र
FIR में बताया गया है कि मुन्ना उर्फ कटारी के खिलाफ वर्ष 2024 में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के बाद उसके खिलाफ आरोप-पत्र न्यायालय भेजे जाने का उल्लेख है। वहीं अन्य आरोपी के संबंध में भी पूर्व आपराधिक गतिविधियों और न्यायालय में विचाराधीन मामले का जिक्र किया गया है। पुलिस ने FIR में दावा किया है कि गिरोह की गतिविधियों से क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना तथा लोक व्यवस्था प्रभावित हुई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।