सिधारी क्षेत्र का बताया जा रहा वीडियो, कई मुकदमों का आरोपी युवक असलहे से करता दिखा फायरिंग
आजमगढ़। जनपद में अवैध असलहों की बरामदगी और हर्ष फायरिंग पर रोक लगाने के लिए आजमगढ़ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस द्वारा समय-समय पर अवैध हथियारों के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है और सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद जिले में पुलिस कार्रवाई का अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है। आए दिन हर्ष फायरिंग और अवैध असलहों के प्रदर्शन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
ताजा मामला सिधारी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक युवक खुलेआम तमंचे से हर्ष फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में युवक बिना किसी भय के लगातार फायरिंग करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में इसकी काफी चर्चा है और लोग पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि फायरिंग करने वाले युवक की पहचान सिधारी थाना क्षेत्र के तिवारीपुर निवासी युवक अभिनव के रूप में हुई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में उसके द्वारा खुलेआम फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर लगातार पुलिस अभियान के बावजूद अपराधियों में कानून का भय क्यों दिखाई नहीं दे रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सीओ सिटी शुभम तोड़ी ने बताया कि हर्ष फायरिंग करने वाले युवक की पहचान हो चुकी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगाया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हर्ष फायरिंग करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हर्ष फायरिंग के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक गई है। ऐसे में इस तरह के वीडियो सामने आना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि पुलिस अपने दावे के अनुरूप आरोपी को कितनी जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाती है।