
जीवित को मृत घोषित करने वाले मामलों की त्वरित जांच, पत्रकार सुरक्षा और जनप्रतिनिधियों की पेंशन की समीक्षा की उठाई मांग
आजमगढ़। मृतक संघ के संस्थापक लाल बिहारी मृतक (दागी) ने गुरुवार को अपनी संघर्ष यात्रा के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। अंबेडकर पार्क, कलेक्ट्री कचहरी में आयोजित कार्यक्रम में उनकी पत्नी करमी देवी ने श्रद्धांजलि अर्पित कर अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
ज्ञापन में कहा गया कि मृतक संघ वर्षों से भ्रष्टाचार, मानवाधिकार हनन और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ जन-जागरण अभियान चला रहा है। संगठन ने जीवित व्यक्तियों को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित करने, सरकारी रिकॉर्ड गायब होने और पीड़ितों को न्याय न मिलने जैसे मामलों पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में जिला मुख्यालयों पर स्थायी धरना-स्थल, पत्रकारों व छायाकारों के लिए 20 लाख रुपये का जीवन बीमा व सरकारी चिकित्सा सुविधा, जीवित-मृतक एवं भ्रष्टाचार के मामलों का एक माह में निस्तारण, तहसील व कलेक्ट्रेट के वादों का पूर्ण डिजिटलीकरण, वर्ष 1976 व 1994 के प्रकरणों की सीबीआई अथवा स्वतंत्र एजेंसी से जांच तथा जनप्रतिनिधियों की पेंशन व सुविधाओं की समीक्षा की मांग की गई है। संगठन ने इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की।