कटान रोधी कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो, तट के बेहतर सुदृढ़ीकरण का शीध्र तैयार करें प्रस्ताव : जिलाधिकारी

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देवरांचल में कटान स्थल सहबदिया सुल्तानपुर का जिलाधिकारी ने किया स्थालीय निरीक्षण

आजमगढ़। देवरांचल में संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है इसके तहत जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने सोमवार को सगड़ी तहसील के ग्राम सहबदिया सुल्तानपुर स्थित बाढ़ कटान प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नदी किनारे कराए जा रहे कटान रोधी कार्यों एवं परकुपाइन संरचनाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी के किनारे हो रहे कटान को रोकने के लिए कराए जा रहे सभी सुरक्षात्मक कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कटान रोधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जहां आवश्यकता हो, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त कटान रोधी कार्य कराकर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम सहबदिया सुल्तानपुर के ग्रामीण बृजेश पटेल से वार्ता कर पिछले वर्ष की तुलना में नदी द्वारा किए गए कटान की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने नदी के बढ़ते कटाव एवं उससे उत्पन्न हो रहे खतरे से अवगत कराया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित बाढ़ के दृष्टिगत जनपद के सभी संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सहबदिया सुल्तानपुर का निरीक्षण करने पर पाया गया कि गत वर्ष की तुलना में नदी का बहाव और अधिक अंदर की ओर आ गया है। यद्यपि यहां पूर्व में पत्थरों से डम्पलर का निर्माण कराया गया है, फिर भी उसके पीछे के हिस्से में कटान की स्थिति बनी हुई है तथा नदी का प्रवाह गांव की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक तकनीकी एस्टीमेट तैयार कराया जाएगा। शासन स्तर पर प्रस्ताव प्रेषित कर तट के बेहतर सुदृढ़ीकरण की कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी, जिससे भविष्य में संभावित बाढ़ के दौरान कटान को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि तट को प्रभावी ढंग से सुरक्षित किया जाता है तो उसके समीप स्थित गांव एवं तटबंध दोनों सुरक्षित रहेंगे, जिससे बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कटान से प्रभावित ग्रामीणों के बयान एवं स्थानीय स्थिति का विस्तृत विवरण संकलित कर प्रस्ताव तैयार किया जाए। उक्त प्रस्ताव प्रमुख सचिव को प्रेषित किया जाएगा, ताकि शासन स्तर से आवश्यक स्वीकृति एवं संसाधन उपलब्ध कराकर कटान रोकने के स्थायी उपाय सुनिश्चित किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि जनपद प्रशासन बाढ़ एवं कटान से प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी कर रहा है तथा जन-धन की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक एवं राहत संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने हाजीपुर निर्माणाधीन बंधे का भी निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्यों को गुणवत्तायुक्त कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सगड़ी श्याम प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत, सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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