रुदरी दोहरे हत्याकांड में ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह समेत नौ दोषियों को उम्रकैद, क्रॉस केस में पांच को पांच साल की सजा

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19 साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला, दोनों मुकदमों में दोषियों पर लगाया गया हजारों रुपये का अर्थदंड
दशहरे के दिन हुई थी तालुकदार सिंह और पारसनाथ सिंह की हत्या, अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक ने सुनाई सजा

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में करीब 19 वर्ष पूर्व हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक कमलापति की अदालत ने तत्कालीन ग्राम प्रधान एवं वर्तमान ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह समेत नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 74 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, इसी घटना से जुड़े क्रॉस केस में पांच आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और प्रत्येक पर 29 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इससे पहले सोमवार को अदालत ने दोनों मुकदमों में आरोपियों को दोषी करार दिया था।
दशहरे के दिन दरवाजे पर बैठे रामजन्म सिंह पर हुआ था हमला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रुदरी गांव निवासी रामजन्म सिंह 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन सुबह करीब नौ बजे अपने दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान तत्कालीन ग्राम प्रधान विपिन सिंह समेत कई लोग कथित तौर पर हथियारों से लैस होकर उनके दरवाजे पर पहुंचे। आरोप है कि विपिन सिंह के ललकारने पर हमलावर उत्तर दिशा की ओर भागे और इसी दौरान गोलीबारी की गई।
अभियोजन के मुताबिक, विपिन सिंह ने तालुकदार सिंह को गोली मारी, जबकि राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मार दी। वहीं, अन्य लोगों ने रामजन्म सिंह, उनके भतीजे अंकित सिंह और आशीष के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना में तालुकदार सिंह और पारसनाथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले की विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
23 गवाहों की गवाही के बाद नौ दोषियों को उम्रकैद
मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय तथा विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह की ओर से कुल 23 गवाह न्यायालय में पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने विपिन सिंह, राजेश सिंह, चुन्नू उर्फ रणविजय, बलवंत सिंह, छोटू उर्फ पंकज, लोकनाथ सिंह, अरविंद सिंह, जीवन प्रकाश और शिवदास सिंह को दोषी ठहराया। अदालत ने सभी नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 74 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
क्रॉस केस में विपिन सिंह के पैर में गोली लगने का था आरोप
इसी घटना को लेकर विपिन सिंह की ओर से भी कातिलाना हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि रामदरस, आशीष सिंह, अंकित सिंह, दीपक सिंह और रामजन्म सिंह ने बलवंत सिंह तथा अरविंद के साथ मारपीट की और असलहों से फायरिंग की। आरोप के मुताबिक, इस दौरान विपिन सिंह के पैर में गोली लगी थी।
क्रॉस केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रामदरस, आशीष सिंह, अंकित सिंह, दीपक सिंह और रामजन्म सिंह को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 29 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। करीब 19 साल पुराने इस मामले में अदालत के फैसले के बाद दोनों मुकदमों में दोषियों को सजा सुनाई गई।

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